
इंदौर। इंदौर के विजयनगर थाना पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने और ओरिजिनल डाक्यूमेंट वापस देने के बदले पैसों की मांग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मयंक सर्राफ की पत्नी पूजा सर्राफ को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस मयंक सर्राफ को गिरफ्तार कर उसके कार्यालय से 313 युवाओं की ओरिजिनल मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर चुकी है। अब जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाया है।
दरअसल पुलिस के मुताबिक मयंक सर्राफ अपनी कंसल्टेंसी के माध्यम से युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इस दौरान वह अभ्यर्थियों से उनकी ओरिजिनल मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य दस्तावेज जमा करवा लेता था। जब युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और वे अपने दस्तावेज वापस मांगते थे, तब उनसे पैसों की मांग की जाती थी। शिकायत मिलने पर विजयनगर थाना पुलिस ने कुछ समय पूर्व कार्रवाई करते हुए मयंक सर्राफ को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान उसके कार्यालय से 313 युवाओं के मूल दस्तावेज बरामद हुए। आगे की जांच में पुलिस को आरोपी की पत्नी पूजा सर्राफ के बैंक खाते में इस मामले से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच कर रही है, साथ ही अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद दस्तावेज उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन भी किया है।
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