
इंदौर। हर साल जिला प्रशासन (District Administration) की नींद देरी से खुलती है और जब गणेशोत्सव (Ganeshotsav) या नवरात्रि (Navaratri) में आधे से अधिक मूर्तियों (Statues) का निर्माण हो जाता है, तब प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हैं। कल कलेक्टर के निर्देश पर जो बैठक हुई, उसमें एडीएम रोशन राय के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और मूर्तिकार संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में रोशन राय ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई गाइड लाइन और निर्देशों के बारे में मूर्तिकारों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मूर्ति निर्माण के संबंध में जारी गाइड लाइन और निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मूर्ति निर्माण हेतु उपयोग की जाने वाली सामग्री एवं प्रक्रिया को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया गया। मूर्तिकारों को निर्देशित किया गया कि वे भगवान गणेश एवं माता दुर्गा की मूर्तियों के निर्माण में केवल उन्हीं प्राकृतिक सामग्रियों का ही इस्तेमाल किया जाए, जैसा कि पुराने ग्रन्थों में उल्लेखित है। मूर्तियों के निर्माण में परंपरागत मिट्टी का ही उपयोग किया जाए। पकी हुई मिट्टी, पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) या किसी प्रकार के केमिकल व रासायनिक वस्तुओं का उपयोग मूर्ति निर्माण में किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
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