
नई दिल्ली. ईरान (Iran) ने सोमवार सुबह-सुबह (Early Morning) कुवैत (Kuwait) पर बड़ा अटैक करते हुए मिसाइल (Missile ) और ड्रोन (Drone) की बौछार की, जिसके बाद पूरे देश में सायरन बज रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है और सुरक्षित जगहों की ओर दौड़ पड़े.
कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) ने बताया कि पूरे देश में सायरन बज रहे हैं. सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है जो दुश्मन की ओर से दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों को रोक रहा है.
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने ईरान पर सैन्य हमलों की पुष्टि की है. CENTCOM के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी कार्रवाइयों के जवाब में ‘सेल्फ-डिफेंस’ स्ट्राइक्स किए. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था, जिसके जवाब में ये कार्रवाई की गई.
‘ये ईरान की आक्रामकता का जवाब है’
सेंटकॉम ने बताया कि ये हमले शनिवार और रविवार को किए गए थे. इस दौरान अमेरिकी फाइटर एयरक्राफ्ट ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोनों को नष्ट कर दिया. ईरान के गोरुक (Goruk) इलाके और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर रडार तथा ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया गया है. अमेरिका ने इन हमलों को ‘मापा हुआ और सीमित’ (Measured Strikes) बताया है, जो ईरानी आक्रामकता के जवाब में किया गया.
वहीं, अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता फेल होते देख इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों में हमले तेज कर दी है. इंटरनेशनल समाचार एजेंसी के मुताबिक, इजरायल ने रविवार को लेबनान के इलाके में जोरदार अटैक किया. इस हमले में कई इमारत तबाह हो गई हैं.
रुबियो ने इजरायल और लेबनान के नेताओं से की बात
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल और लेबनान के बीच राजनयिक वार्ता को लेकर लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों से बात की है.
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने प्रस्ताव दिया है कि पहले कदम के रूप में हिज्बुल्लाह इजरायल पर सभी हमले बंद कर देगा और बदले में इजरायल बेरूत में तनाव बढ़ाने से परहेज करेगा.
अमेरिकी अधिकारी ने आगे कहा कि औन ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने पहले इजरायल पर हमले रोकने का दवाब डाला है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved