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ईरान के राष्ट्रपति की दो टूक- अमेरिका से युद्ध खत्म होना चाहिए, लेकिन जीत की स्थिति में

August 22, 2026

तेहरान। अमेरिका (America) के साथ जारी युद्ध को लेकर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान (Masoud Pezeshkian) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध का अंत आखिरकार होना ही चाहिए, लेकिन ईरान के लिए बेहतर यही होगा कि वह संघर्ष उस समय खत्म करे, जब उसकी स्थिति मजबूत हो और उसका पलड़ा भारी हो।

‘इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ ईरान्स मेडिकल कम्युनिटी’ की 31वीं आम सभा को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने कहा कि अगर युद्ध आज खत्म होता है और ईरान मजबूत तथा सम्मानजनक स्थिति में रहता है, तो यह बेहतर होगा। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की स्थिति मजबूत हुई है और स्कूलों, अस्पतालों तथा बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर अमेरिका की आलोचना हुई है।


  • आर्थिक संकट पर भी बोले पेजेश्कियान

    ईरानी राष्ट्रपति ने देश में बढ़ते असंतोष और आर्थिक मुश्किलों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अगर लोगों में शिकायतें हैं तो सरकार को यह देखना चाहिए कि आखिर उससे कहां गलती हुई।

    पेजेश्कियान के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों तथा जहाजों पर नौसैनिक नाकेबंदी ने देश के आयात-निर्यात को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

    उन्होंने लंबे समय से चली आ रही ईंधन सब्सिडी पर भी सवाल उठाया। पेजेश्कियान ने कहा कि सरकार जिस कीमत पर पेट्रोल खरीदती है और जिस कीमत पर घरेलू बाजार में बेचती है, उसके बीच बहुत बड़ा अंतर है। उनके मुताबिक अगर इसी तरह सब्सिडी जारी रही तो सरकार के पास खाद्य सहायता और बीमा जैसी जरूरी योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचेगा।

    तेल निर्यात पर नाकेबंदी से बढ़ी परेशानी

    ईरान की अर्थव्यवस्था पर युद्ध और प्रतिबंधों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करने के कारण ईरान ने वैकल्पिक रास्तों से कारोबार करने की क्षमता जरूर विकसित की है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में आर्थिक दबाव कम करना उसके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

    विशेष रूप से तेल निर्यात ईरान की आर्थिक जीवनरेखा है। बंदरगाहों और समुद्री मार्गों पर बढ़े दबाव के कारण तेल समेत अन्य सामान के निर्यात में मुश्किलें पैदा हो रही हैं।

    होर्मुज पर बढ़ाना चाहता है पकड़

    ईरान की रणनीति में होर्मुज जलडमरूमध्य भी अहम भूमिका निभा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में शामिल है। ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र में अपने प्रभाव का इस्तेमाल रणनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने के लिए करता रहा है।

    मौजूदा संकट के बीच तेहरान की कोशिश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत रखने की है। ऐसे में अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने की ईरानी राष्ट्रपति की बात के साथ-साथ प्रतिबंधों में राहत और समुद्री रास्तों पर नियंत्रण का मुद्दा भी आने वाले समय में बातचीत का अहम हिस्सा बन सकता है।

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