
चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने कहा कि ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार विधेयक’ (‘Jagat Jyoti Sri Guru Granth Sahib Felicitation Bill’) अब कानून बन गया (Has now become Law) ।
पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026’ को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया था। इस बिल को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद अब यह कानून बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसके लिए समस्त संगति के प्रति हार्दिक आभार जताया है।
मुख्यमंत्री मान से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधानसभा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान के विरुद्ध पारित विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब यह विधेयक कानून बन गया है। मुझ जैसे एक साधारण व्यक्ति की ओर से, इस सेवा के लिए वाहेगुरु जी को अरबों धन्यवाद। समस्त संगति के प्रति हार्दिक आभार। बता दें कि 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026 को पारित किया गया था। इसे सभी दलों की सहमति से पास किया गया। इसका मकसद ऐसे मामलों पर रोक लगाना है, जिनमें धार्मिक ग्रंथ का अपमान होता है और समाज में तनाव की स्थिति पैदा होती है।
इस संशोधित कानून में बेहद सख्त प्रावधान किए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का दोषी पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा मिलेगी, यानी दोषी को मृत्यु होने तक सलाखों के पीछे ही रहना होगा। इसके साथ ही, 25 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।
विधेयक में यह भी साफ किया गया है कि ऐसे मामलों की जांच केवल गजटेड अधिकारी या उससे ऊपर के स्तर का अधिकारी ही कर सकेगा। साथ ही इस कानून में किसी भी तरह के समझौते या समझौता आधारित निपटारे की अनुमति नहीं दी गई है। सरकार का कहना है कि यह कानून समाज में एक सख्त संदेश देगा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही या अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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