
इंदौर। इंदौर के बाणगंगा इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और फिल्मी अंदाज में मर्डर मिस्ट्री सुलझने का मामला सामने आया है। यहाँ ऋषि नगर में बीते दिनों एक कमरे में मिले युवक के शव के मामले को शुरुआत में तो पुलिस सामान्य मौत मान रही थी। लेकिन शॉर्ट पीएम रिपोर्ट और घटना स्थल पर छूटी महज एक जोड़ी चप्पल ने इस पूरी कहानी को पलट कर रख दिया। पुलिस ने जब इस चप्पल के सुराग का पीछा किया, तो कातिल कोई और नहीं बल्कि मृतक का ही जिगरी दोस्त निकला, जिसने मोबाइल के मामूली विवाद में अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था।
इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं। दरअसल, बीते 3 जून को ऋषि नगर स्थित एक कमरे से 33 वर्षीय रोहित पिता गोपाल सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। सूचना मिलने पर पहुंची बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि अत्यधिक शराब पीने या किसी बीमारी के कारण रोहित की मौत हुई है, लेकिन जैसे ही रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के हाथ लगी, जांच अधिकारियों के होश उड़ गए।डॉक्टरों ने पीएम रिपोर्ट में साफ कर दिया कि रोहित के सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार के कारण अंदरूनी गंभीर चोट आई थी और उसके गले पर भी दबाए जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले थे। रिपोर्ट आते ही बाणगंगा पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना और जांच की दिशा बदल दी।
पुलिस की विशेष टीम ने तुरंत दोबारा घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया। इस सूक्ष्म छानबीन के दौरान पुलिस को रोहित की चप्पल के अलावा कमरे में एक और अज्ञात व्यक्ति की चप्पल पड़ी हुई मिली।पुलिस ने इसी लावारिस चप्पल को अपनी जांच का केंद्र बिंदु बनाया और मृतक रोहित के दोस्तों व करीबियों की लिस्ट तैयार कर उनके जूतों-चप्पलों और घटना की रात की लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आखिरकार पुलिस का शक रोहित के दोस्त देवेंद्र पिता संतराम, निवासी दुर्गा नगर पर जाकर टिक गया, जिसे घटना वाली रात रोहित के कमरे के आसपास देखा गया था।पुलिस ने जब संदेही देवेंद्र को हिरासत में लेकर कड़ाई और मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी देवेंद्र ने बताया कि 3 जून की रात वह रोहित के कमरे पर गया था, जहां दोनों ने साथ बैठकर शराब पार्टी की थी। इसी दौरान मोबाइल फोन को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। नशा हावी होने के कारण विवाद मारपीट में बदल गया और तैश में आकर देवेंद्र ने रोहित को बेरहमी से पीटा और उसका गला दबाते हुए उसका सिर जोर से दीवार पर दे मारा। सिर में गंभीर चोट लगने से रोहित तड़पकर बेहोश हो गया। उसे मरा हुआ समझकर देवेंद्र बुरी तरह घबरा गया और उसी हड़बड़ाहट में अपनी चप्पल कमरे में ही भूलकर मौके से भाग निकला। बाणगंगा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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