
अंकारा। अदालत के आदेश के बाद तुर्किये की मुख्य विपक्षी पार्टी में नेतृत्व को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। रविवार को पार्टी मुख्यालय के बाहर पार्टी के सदस्य आमने-सामने डटे रहे। अधिकांश सदस्यों ने अदालत के आदेश से लाए गए नए नेतृत्व को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया।
रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी यानी सीएचपी में यह विवाद गुरुवार से बढ़ गया है। अपील अदालत ने नवंबर 2023 में हुए पार्टी सम्मेलन को रद्द कर दिया, जिसमें ओजगुर ओजेल को केमाल किलिचदारोग्लू की जगह पार्टी अध्यक्ष चुना गया था।
अदालत के फैसले के बाद ओजेल और पार्टी की कार्यकारी समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही आदेश दिया गया कि उनकी जगह नवंबर 2023 से पहले पद संभाल रहे केमाल किलिचदारोग्लू और अन्य नेताओं को वापस लाया जाए। विपक्ष का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक कारणों से लिया गया है, ताकि पार्टी को कमजोर किया जा सके।
किलिचदारोग्लू (77 वर्षीय) ने 13 साल तक पार्टी का नेतृत्व करने के बाद पद छोड़ा था। उनके नेतृत्व में सीएचपी कोई राष्ट्रीय चुनाव नहीं जीत सकी थी। वहीं, ओजेल ने पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद 2024 के नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन की सत्तारूढ़ पार्टी को बड़ा झटका दिया था।
तुर्किये में अगला राष्ट्रपति चुनाव 2028 में होना है। लेकिन राष्ट्रपति एर्दोआन समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी और इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू (जो सीएचपी के सदस्य हैं) पिछले साल मार्च से जेल में हैं और उन पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं।
कई राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सीएचपी के खिलाफ जारी कानूनी मामले पार्टी को अगले चुनाव से पहले कमजोर करने की कोशिश हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि तुर्किये की अदालतें निष्पक्ष हैं और राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र होकर काम करती हैं।
पार्टी के ज्यादातर सदस्य ओजेल के समर्थन में खड़े हैं। गुरुवार के फैसले के बाद से ओजेल और उनके समर्थक अंकारा स्थित पार्टी मुख्यालय के अंदर मौजूद हैं और नए नेतृत्व को अंदर नहीं आने दिया जा रहा है। दोनों पक्ष रविवार दोपहर इस विवाद का हल निकालने के लिए बैठक करने वाले थे।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पार्टी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। ओजेल ने दावा किया कि ये लोग सीएचपी के सदस्य नहीं हैं और डराने-धमकाने के लिए भेजे गए हैं। सुबह से पुलिस की मौजूदगी लगातार बढ़ रही थी। वहीं, किलिचदारोग्लू के वकील सेलाल सेलिक ने अंकारा पुलिस से इमारत खाली कराने में मदद की मांग की। अंकारा के गवर्नर कार्यालय ने इस अनुरोध को मंजूरी दे दी है।
एर्दोआन 2003 से पहले प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति के रूप में तुर्किये पर शासन कर रहे हैं। 2019 के स्थानीय चुनावों में सीएचपी ने कई बड़े शहरों पर कब्जा कर लिया था, जिससे एर्दोआन को बड़ा झटका लगा था। इस्तांबुल में एकरेम इमामोग्लू एक लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे, जिन्हें कई लोग एर्दोआन को चुनौती देने वाला मजबूत चेहरा मानते हैं।
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