
इंदौर। प्राधिकरण द्वारा लवकुश चौराहा पर बनवाए गए 175 करोड़ रुपए के डबल डेकर ब्रिज की 48 घंटे की लोड टेस्टिंग सफल हुई। हालांकि उसका अभी परीक्षण जारी है और विधिवत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रियाशुरू की जाएगी। संभव है जल्द ही एक लेन पर यातायात शुरू भी कर दिया जाए। दूसरी तरफ ब्रिज के नीचे की गड्ढामय हो चुकी सर्विस रोड को भी 13 करोड़ रुपए खर्च कर सीमेंटीकरण किया जा रहा है। यातायात रोककर यह सडक़ निर्माण चल रहा है। हालांकि अभी गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी भी उठाना पड़ रही है।
प्राधिकरण की मंशा है कि अगले दो-तीन महीनों में डबल डेकर ब्रिज पर से यातायात शुरू कर दिया जाए। वैसे भी यह प्रोजेक्ट गत वर्ष अंत तक शुरू हो जाना था। अभी 25-25 टन के 16 डम्परों को खड़ा करवाकर 400 टन का वजन इस ब्रिज पर डाला गया और अलग-अलग पैरामीटर के आधार पर जांच-पड़ताल की गई। हालांकि प्रथमदृष्ट्या किया गया लोड टेस्ट सफल रहा, मगर अभी विधिवत रिपोर्ट हर तरह की ली गई रीडिंग के आधार पर तैयार की जा रही है। वहीं ब्रिज के नीचे 13 करोड़ रुपए की राशि खर्च कर प्राधिकरण सीमेंट कांक्रीट की सडक़ बनवा रहा है, क्योंकि यह सर्विस रोड भी अत्यंत क्षतिग्रस्त हो गई है। दूसरी तरफ प्राधिकरण ने अपनी योजनाओं में शामिल जमीनों के नामांतरण की प्रक्रिया भी शुरू की है, क्योंकि नामांतरण ना होने से कई बार जमीनें बिक जाती है या अन्य तरह की धोखाधड़ी संभव है।
इन अवॉर्ड पारित जमीनों का नामांतरण कर राजस्व रिकॉर्ड में प्राधिकरण अपना नाम चढ़वाएगा। इसकी अलग-अलग योजनाओं में शामिल जमीनों के प्रकरण संबंधित तहसीलदारों को नामांतरण के लिए प्राधिकरण भू-अर्जन शाखा द्वारा भिजवाए जा रहे हैं। अभी योजना 97 पार्ट-4 बिजलपुर में अर्जित की गई 8.216 हेक्टेयर जमीन के नामांतरण को लेकर तहसीलदार राऊ द्वारा दावे-आपत्तियां भी बुलवाई गई है। दूसरी तरफ प्रेस कॉम्प्लेक्स में नवभारत को आवंटित भूखंड को प्राधिकरण ने अपने कब्जे में आवंटन शून्य कर दिया है। अभी बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने नवभागत की सम्पत्तियों को कब्जे में लेकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। इसमें उक्त भूखंड भी शामिल कर लिया, जिसके चलते सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने बैंक द्वारा जारी की गई सूचना का प्रतिवाद करते हुए उपरोक्त भूखंड का क्रय-विक्रय ना होने देने की जाहिर सूचना दी है। प्राधिकरण का कहन ाहै कि उक्त भूखंड का आबंटन शून्य होकर वह उसके स्वामित्व का है, जिसे बैंक नीलाम नहीं कर सकता। पूर्व में भी इस तरह की जारी सार्वजनिक सूचना का प्रतिवाद प्राधिकरण द्वारा दिया जा चुका है, मगर बैंक ने पिछले दिनों पुन: विक्रय की सूचना जारी कर दी।
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