वॉशिंगटन। अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन के तहत यूरोप के प्रमुख भ्रष्टाचार रोधी निगरानी संगठन GRECO से बाहर निकलने का फैसला किया है। अमेरिका वर्ष 2000 से इस संगठन का सदस्य था। रूस और बेलारूस के बाद अमेरिका GRECO छोड़ने वाला तीसरा देश बन गया है। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय संस्थाओं से दूरी बनाने की उसकी व्यापक नीति के बीच आया है।
GRECO यानी ‘ग्रुप ऑफ स्टेट्स अगेंस्ट करप्शन’ काउंसिल ऑफ यूरोप का भ्रष्टाचार रोधी संगठन है। काउंसिल ऑफ यूरोप के अनुसार, अमेरिका ने औपचारिक रूप से GRECO से बाहर निकलने की सूचना दे दी है। अमेरिका करीब 26 वर्षों तक संगठन के काम में शामिल रहा और भ्रष्टाचार की रोकथाम तथा उससे निपटने से जुड़े अनुभव और प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान में योगदान देता रहा।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ रही हैं, पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं या अमेरिकी नीतियों के अनुरूप खुद को नहीं ढाल रही हैं। GRECO से बाहर निकलने का फैसला इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, संगठन से बाहर निकलने की औपचारिक सूचना सोमवार को दी गई। अधिकारी ने सार्वजनिक घोषणा से पहले इस फैसले की पुष्टि की।
काउंसिल ऑफ यूरोप ने जताई सहयोग की उम्मीद
अमेरिका के फैसले पर काउंसिल ऑफ यूरोप ने कहा कि अमेरिका 2000 से GRECO के काम में शामिल रहा है। संगठन ने भ्रष्टाचार रोकने और उससे निपटने के लिए अनुभव तथा अच्छी प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान में अमेरिका के योगदान का उल्लेख किया। साथ ही काउंसिल ऑफ यूरोप ने भविष्य में अमेरिका के साथ फिर सहयोग की संभावना खुली रखी है।
GRECO की स्थापना वर्ष 1999 में काउंसिल ऑफ यूरोप ने भ्रष्टाचार रोधी मानकों के पालन की निगरानी के लिए की थी। इसकी सदस्यता केवल यूरोपीय संघ के देशों तक सीमित नहीं है। अमेरिका की सदस्यता के दौरान GRECO ने देश में भ्रष्टाचार की रोकथाम से जुड़े मानकों और प्रक्रियाओं का मूल्यांकन भी किया था। काउंसिल ऑफ यूरोप की वेबसाइट पर अमेरिका से संबंधित GRECO मूल्यांकन दस्तावेज उपलब्ध हैं।
रूस और बेलारूस के बाद तीसरा देश
अमेरिका GRECO से बाहर निकलने वाला तीसरा देश है। इससे पहले रूस और बेलारूस संगठन की सदस्यता छोड़ चुके हैं। अमेरिका के बाहर होने के बाद संगठन में अब उसकी भागीदारी समाप्त हो जाएगी।
WHO और UNHRC से भी दूरी
GRECO से बाहर निकलने का फैसला अमेरिकी प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से दूरी बनाने के अन्य कदमों के बीच आया है। इससे पहले अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) से बाहर निकल चुका है।
जनवरी 2026 में अमेरिका ने काउंसिल ऑफ यूरोप की वेनिस आयोग से भी बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू की थी। वेनिस आयोग संवैधानिक कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मामलों पर सलाह देने वाली संस्था है।
चुनावों की निगरानी में भी सहयोग नहीं
अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ बदलते रुख का एक और उदाहरण चुनाव निगरानी से जुड़ा है। एक सप्ताह पहले यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) ने कहा था कि अमेरिका ने नवंबर में होने वाले अपने कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों की निगरानी के लिए उसके सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया है।
GRECO से अमेरिका का बाहर होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन भ्रष्टाचार की रोकथाम, पारदर्शिता और कानून के शासन से जुड़े मानकों की समीक्षा करता है। हालांकि, काउंसिल ऑफ यूरोप ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अमेरिका के साथ सहयोग की संभावना बनी हुई है।
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