
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज शुरू हुई मतगणना में भाजपा ने पिछले पंद्रह साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी के किले को ढहाते हुए बहुमत प्राप्त कर लिया है। राज्य की सभी 285 सीटों के मिले रुझानों ने भाजपा ने 165 सीटों की बढ़त बना ली है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस 120 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सत्ता से वंचित कर दिया है।
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां अपने 15 साल के शासन से हाथ धोने जा रही हंै, वहीं केरल में जहां सत्ताधारी लेफ्ट के हाथ से सत्ता फिसलती नजर आ रही है। केरल के मुख्यमंत्री विजयन अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से पीछे चल रहे हैं। उधर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन को हाल ही में राजनीति में आए फिल्मी कलाकार विजय ने सत्ता से बेदखल कर दिया है। इस तरह देश के तीन राज्यों में सत्तापलट होने जा रहा है।
पूरा देश पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों को लेकर बेहद उत्साहित था। हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए जबरदस्त चुनाव प्रचार किया था। इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी जनता में बेहद रोष था। वहीं मतदाता पुनरीक्षण के दौरान लाखों फर्जी वोट भी हटा दिए गए थे। इसके बावजूद राज्य में हुए बम्पर मतदान से भाजपा को अपने पक्ष में उम्मीद बनने लगी थी और आज चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया कि यह अनुमान सही था। इन परिणामों में कांग्रेस को भी भारी निराशा हाथ लगी और उसका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत पाया।
बाबरी वाले हुमायूं पीछे
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर नावदा विधानसभा क्षेत्र से पीछे चल रहे हैं, वहीं ओवैसी की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया, लेकिन उन्हें मिले 0.4 फीसदी वोटों का फायदा भाजपा को मिला है।
कई सीटें गंवाई
भाजपा की आंधी में ममता बनर्जी अब तक अपनी 85 सीटें गंवा चुकी हैं। इन सीटों पर उनके प्रत्याशी पीछे हैं।
ममता खुद आगे-पीछे,शुभेंदु अधिकारी दोनों सीटों पर आगे
गणना के दौरान ममता बनर्जी का अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुरा में आगे-पीछे होना लोगों को चौंकाता रहा। वह मामूूली मतों के अंतर से कई दौर में पीछे रही। उधर पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष शुबेदु अधिकारी भवानी और नंदीग्राम दोनों ही सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
स्टालिन और बेटा उदयनिधि पीछे
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन जहां पीछे हैं, वहीं कोलाथुर से उम्मीदवार उनके पुत्र उदयनिधि भी पीछे चल रहे हैं।
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