
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लागू किए गए नए आयकर अधिनियम 2025 (New Income Tax Act 2025) और आयकर नियम 2026 (Income Tax Rules 2026) में पैन (PAN) कार्ड से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। इसके तहत कई तरह की लेनदेन में पैन नंबर देने की अनिवार्यता को या तो समाप्त कर दिया गया है या उसकी सीमा बढ़ा दी गई है। उदाहरण के लिए पहले एक ही दिन में ₹50,000 से ज्यादा की नकद जमा पर PAN देना पड़ता था लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है। इसके साथ ही, पुराने फॉर्म 60 में भी बदलाव हुआ है और अब नया फॉर्म 97 लागू किया गया है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
खैतान एंड कंपनी की पार्टनर, शैली गुप्ता ने ET Wealth ऑनलाइन को बताया कि नए नियमों में कुछ नए लेनदेन भी शामिल किए गए हैं जिनकी जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी। इसके तहत स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को स्टांप पेपर खरीद की रिपोर्ट करनी होगी। नए नियम के तहत पैन कार्ड होने पर 2 लाख रुपये और बिना पैन के 1 लाख रुपये तक की खरीद की रिपोर्टिंग होगी। इसी तरह बीमा प्रीमियम के रूप में प्राप्त रकम पर भी रिपोर्टिंग लागू होगी। पैन होने पर 5 लाख रुपये और बिना पैन के 2.5 लाख रुपये की सीमा तय की गई है।
अचल संपत्ति के मामलों में क्या बदला?
अचल संपत्ति के मामलों में भी दायरा बढ़ाया गया है। अब संपत्ति की खरीद-बिक्री के साथ गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) को भी शामिल किया गया है। इसके लिए सीमा 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 45 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, सेविंग अकाउंट में सालाना नकद जमा की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
नए PAN नियम 2026 के तहत कई बड़े लेनदेन में PAN दिखाने की सीमा बढ़ा दी गई है। अब प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में PAN की अनिवार्यता ₹30 लाख से बढ़ाकर ₹45 लाख कर दी गई है। वहीं विदेशी मुद्रा लेनदेन, सेविंग अकाउंट में कैश जमा और बैंक ड्राफ्ट/पे-ऑर्डर खरीद जैसे मामलों में भी नए नियम लागू होंगे। नियमों के अनुसार PAN होने पर ₹10 लाख तक के लेनदेन की अनुमति होगी, जबकि PAN नहीं होने पर कुछ मामलों में सीमा ₹5 लाख तय की गई है।
यहां अब जरूरी नहीं
डेबिट कार्ड जारी कराने के आवेदन में भी पैन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। वहीं, होटल और रेस्तरां में नकद भुगतान पर पैन की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति लेनदेन कर दी गई है। अब 5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले दोपहिया वाहन भी पैन नियम के दायरे में आएंगे, जबकि ट्रैक्टर को इससे बाहर रखा गया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved