
छतरपुर। केन बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) के विस्थापितों के धरने के बाद छतरपुर (Chhatarpur) का प्रशासन अब डूब प्रभावित गांवों में चौपाल लगाकर विस्थापितों की समस्याएं सुन रहा है। ऐसे में जिले के विस्थापित ग्राम ककरा और पाठापुर में जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जन चौपाल आयोजित की। कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी अगम जैन जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
18 वर्ष पूर्ण कर चुके पात्र युवाओं के नाम पैकेज में
जन चौपाल में कलेक्टर ने एक-एक ग्रामीण से जमीन, मकान के मुआवजे और पैकेज की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान हितग्राहियों की सूची पढ़कर सुनाई गई और जिन लोगों के खाते में राशि नहीं पहुंची है, उनसे बैंक खाता जांच कराने की अपील की गई। मार्कशीट की जन्मतिथि के आधार पर 18 साल के होने पर पैकेज स्वीकृत करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 2024 तक 18 वर्ष पूर्ण कर चुके पात्र युवाओं के नाम पैकेज में जोड़े जाएंगे। साथ ही जिनकी आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत है, उन्हें मार्कशीट के आधार पर 18 वर्ष का पात्र मानते हुए लाभ देने के निर्देश भी दिए गए।
सर्वे दल को अपनी समस्या और शिकायत बताएं
कलेक्टर ने सर्वे दल के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि सर्वे दल को अपनी समस्या और शिकायत जरूर बताएं, कोई भी पात्र वंचित नहीं रहेगा। पुनः सर्वे इसलिए कराई जा रही है। साथ ही कलेक्टर ने कहा तहसील या कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करा सकते है। महिलाओं से जुड़े मामलों में कलेक्टर ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि यदि पति द्वारा पत्नी को मुआवजे पैकेज की राशि नहीं दी जा रही है।
पैकेज की राशि पर पूरे परिवार का अधिकार
और राशि के दुरुपयोग किया जाता है तो महिला की मांग पर पैकेज की राशि महिला के खाते में डाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पैकेज की राशि पर पूरे परिवार का अधिकार है। कलेक्टर ने पुराने पट्टेधारियों को भी नियमानुसार मुआवजा देने एवं सर्वे दल को सूची में नाम जोड़ने के निर्देश दिए गए। महिलाओं को पैकेज दिलाने की मांग पर कलेक्टर ने कहा इस संबंध में उच्च स्तर पर बात की जा रही है।
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