
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) ने अपनी कालजयी रचनाओं से (Through his timeless Works) मानवीय भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी (Gave powerful expression to Human Emotions) । उन्होंने साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपनी कालजयी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से मानवीय भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी है, जो आज भी प्रासंगिक बनी हुई है। उन्होंने काशी, उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि की साहित्यिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके अमूल्य योगदान को भी रेखांकित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को ऐसी सशक्त अभिव्यक्ति दी, जो आज भी प्रासंगिक है। अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि काशी की साहित्यिक विरासत को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में भी उनका अमूल्य योगदान रहा है। यथार्थ और सामाजिक समानता पर आधारित उनका अमर साहित्य देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर एक्स पोस्ट में लिखा, ”हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर उन्हें नमन। ‘कथा सम्राट’ के रूप में विख्यात प्रेमचंद जी ने अपने साहित्य में घटनाओं का ऐसा सजीव चित्रण किया कि उनकी रचनाएं आज भी जीवंत प्रतीत होती हैं। एक ओर उन्होंने अपने लेखन से समाज की पीड़ा, विषमताओं और शोषण को स्वर दिया तो दूसरी ओर बाल कहानियों के जरिए बच्चों की संवेदनाओं का अत्यंत सरल व प्रभावी चित्रण किया। आदर्श लेखन को समझने के लिए आज भी प्रेमचंद जी का साहित्य प्रेरणा व मार्गदर्शन का सर्वोत्तम स्रोत है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, ”हिंदी साहित्य के महान शिल्पकार और ‘कथा सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर उन्हें नमन। मुंशी प्रेमचंद जी ने अपने साहित्य के माध्यम से भारतीय समाज के यथार्थ, उसकी पीड़ा, संघर्ष और परिवर्तन की आकांक्षा को सजीव अभिव्यक्ति दी। उनका साहित्य केवल कथा-साहित्य नहीं, बल्कि अपने समय के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का सशक्त दस्तावेज़ है। उनकी कालजयी रचनाएं आज भी समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती हैं।”
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया, ”हिन्दी साहित्य को अपनी कालजयी कृतियों से अमरत्व प्रदान करने वाले महान कथाकार, उपन्यास सम्राट एवं युगद्रष्टा साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। गोदान, गबन, निर्मला, पंच परमेश्वर, नमक का दरोगा और बूढ़ी काकी जैसी उनकी कालजयी रचनाओं ने समाज की कुरीतियों, विषमताओं और अन्याय पर सशक्त प्रहार किया। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से न केवल साहित्य को जनसरोकारों से जोड़ा, बल्कि स्वतंत्र चेतना और सामाजिक जागरण को भी नई दिशा प्रदान की। मुंशी प्रेमचंद जी की साहित्यिक विरासत हमें एक संवेदनशील, समतामूलक और मानवीय समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी।”
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