
लावारिस पड़ी अलमारियों में भरा है रिकॉर्ड, एक भी विभागीय अधिकारी को नहीं सौंपी जिम्मेदारी
इंदौर। नित नए घोटालों (Scams) के पहाड़ पर बैठे नगर निगम (Municipal Corporation) में फाइलों का गायब हो जाना भी सामान्य बात है, जिसके चलते रिकॉर्डों को सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन (Digitization) का काम भी चल रहा है। दूसरी तरफ जनकार्य विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण सर्वे और ड्राइंग सेक्शन विभाग भी इन दिनों निगम से गायब हो गया है। एक भी अधिकारी या नियमित कर्मचारी इस विभाग के लिए पदस्थ नहीं है। सिर्फ कागजों पर दो मस्टरकर्मियों को नियुक्त कर रखा है, जिनके पास इस विभाग को छोडक़र अन्य कार्य हैं।
लावारिस पड़ी अलमारियों में 116 साल पुरानी खसरा शीट, सिटी प्लान, शहर की पुरानी कॉलोनियों के ले-आउट, श्मशान घाट से लेकर पानी की निकासी की ड्राइंग सहित अति महत्वपूर्ण दस्तावेज धूल खा रहे हैं, जिन्हें संरक्षित करने की सुध निगम के जिम्मेदारों को नहीं है, जबकि पहले इस विभाग में कई वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना होती रही है। होलकर राज से लेकर बाद के वर्षों तक के कई रिकॉर्ड नगर निगम में मौजूद हैं, जो कि भविष्य की प्लानिंग से लेकर वर्तमान स्थिति के लिए बनने वाली योजनाओं में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि वर्षोंपूर्व सर्वे एवं ड्राइंग सेक्शन बनाया गया, जिसमें शहर की सभी सम्पत्तियों से जुड़े दस्तावेज, उसकी ड्राइंग-डिजाइन, 1975 के सिटी प्लान से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ 1910 की खसरा शीटें भी मौजूद रही हैं। इतना ही नहीं सिटी इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा आवंटित जमीनें, विकसित की गई कॉलोनियों के ले-आउट और शहर से जुड़ी ऐसी तमाम जानकारियां जो कहीं नहीं मिलेंगी, वो इस सेक्शन में मौजूद रही हैं। 4 से 5 अलमारियों और एक लकड़ की टेबल में ये महत्वपूर्ण दस्तावेज लावारिस स्थिति में निगम की नई बिल्डिंग चौथी मंजिल पर पटक रखे हैं। यहां तक कि अदालतों में चल रहे विभिन्न प्रकरणों में भी ये दस्तावेज उपयोगी साबित होते रहे हैं। इस विभाग में एनके गावड़े, एसएस घोडक़े, वीवी कोठारी सहित कई जिम्मेदार अधिकारी पदस्थ रहे हैं, जिन्होंने पूरी मेहनत से इन दस्तावेजों को संभालकर रखा। मगर बीते कुछ समय से पुराने अधिकारियों के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद किसी भी नए अधिकारी या कर्मचारी की पदस्थापना इस सर्वे और ड्राइंग सेक्शन के लिए नहीं की गई। निगम के जानकारों का कहना है कि निजी कंसल्टेंट, इंजीनियरों को फायदा पहुंचाने के लिए निगम के इस महत्वपूर्ण विभाग को खत्म किया गया। दो मस्टरकर्मी आदित्य और अंकित तिवारी की कागजों पर इस विभाग में नियुक्ति कर रखी है, जिनके पास झोन से जुड़े दूसरे काम भी हैं। इसी विभाग में पदस्थ रहे गावड़े से जब अग्रिबाण ने चर्चा की तो उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण और बेशकीमती दस्तावेज कहीं नहीं मिल सकते, जो इस सर्वे और ड्राइंग सेक्शन के पास हैं, जिसके चलते इन दस्तावेजों को संरक्षित करने और जिम्मेदार अधिकारी की पदस्थापना करने की जरूरत है। भवन अनुज्ञा शाखा से लेकर अन्य विभागों से जुड़े रिकॉर्ड भी यहां पर मौजूद हैं।
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