
जलपाईगुड़ी। बांग्लादेश (Bangladesh) में दीपंकर गोप (Dipankar Gop) की स्थिति को लेकर 14 दिन बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से जलपाईगुड़ी के राजगंज ब्लॉक के चाउलहाटी तसरपाड़ा स्थित गोप परिवार बेहद चिंतित है। परिवार का आरोप है कि भारतीय सीमा क्षेत्र से दीपंकर गोप को बांग्लादेशी बदमाशों ने अगवा कर लिया था।
परिवार के सदस्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनसे मिलकर दीपंकर को वापस लाने की अपील करना चाहते थे।इसके लिए उन्होंने जलपाईगुड़ी लघु चाय उत्पादक समिति के अध्यक्ष एवं सांसद जयंत कुमार राय से भी संपर्क किया था, लेकिन गृह मंत्री से मुलाकात का प्रयास सफल नहीं हो सका। संगठन की ओर से भी इस संबंध में प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
14 दिन से लापता दीपंकर गोप
दीपंकर गोप की पत्नी महामाया ने कहा कि उनके दो छोटे बच्चे हैं। उनका एक बेटा पिता के बिना सो भी नहीं पाता और लगातार अपने पिता के बारे में पूछता रहता है। उन्होंने सरकार से पति को सुरक्षित वापस लाने की अपील की। परिवार के अनुसार, इसी महीने की 8 तारीख को दीपंकर चाउलहाटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार के उस पार स्थित चाय बागान में काम करने गए थे। आरोप है कि वहां बांग्लादेशी बदमाशों ने उन्हें अगवा कर लिया। परिवार का दावा है कि इससे पहले 6 अगस्त को बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले के निवासी तजिमुद्दीन इस्लाम नामक एक व्यक्ति भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया था, जिसे बीएसएफ ने गिरफ्तार कर लिया था।
परिजनों का आरोप है कि इसी व्यक्ति की रिहाई के उद्देश्य से दीपंकर को अगवा करने की योजना बनाई गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि तजिमुद्दीन को रिहा नहीं किए जाने तक दीपंकर को वापस नहीं करने की बात कही गई है। घटना के बाद से गोप परिवार में चिंता का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने भी कंटीले तार के उस पार स्थित अपनी जमीन और चाय बागानों में काम करने जाना बंद कर दिया था।
दीपंकर के भाई शुभंकर गोप ने बताया कि उनके परिवार में सात सदस्य हैं और इस घटना ने उनके सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के अधिकांश लोगों के चाय बागान भी कंटीले तार के उस पार स्थित हैं। घटना के बाद लोग वहां काम करने जाने से डर रहे हैं, जिससे परिवारों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक लाचारी के कारण कुछ लोग समूह बनाकर चाय बागानों में काम करने तो जा रहे हैं, लेकिन उन्हें लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है।
क्षेत्र के परिवारों ने मांग की है कि कंटीले तार के उस पार काम करने जाने वाले लोगों को बीएसएफ की ओर से पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। शुभंकर गोप ने बताया कि घटना के बाद से चिंता के कारण उनके बुजुर्ग पिता की तबीयत भी खराब हो गई है। अमित शाह के सिलीगुड़ी दौरे की खबर मिलने पर उनके पिता गृह मंत्री से मिलकर बेटे को वापस लाने की अपील करना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
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