img-fluid

एफएसएसएआई के लेबलिंग नियमों पर ओल्ड मंक निर्माता से विवाद, ‘रम-लाइक’ लिखने की शर्त से 500 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा

October 13, 2026

नई दिल्ली । लोकप्रिय शराब ब्रांड ओल्ड मंक (Old Monk) की बिक्री और उत्पाद के लेबल (Product Label) पर लिखे जाने वाले नाम को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और इसकी निर्माता कंपनी मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर प्राइवेट लिमिटेड (Mohan Rocky Springwater Private Limited) के बीच विवाद बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) पहुंच गया है। कंपनी ने अदालत में दावा किया है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में बिक्री पर लगी रोक के कारण उसे 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं, प्राधिकरण का कहना है कि उत्पाद को केवल ‘रम’ (Rum) के नाम से बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके लिए लेबल पर ‘रम-लाइक’ (Rum-Like) यानी रम जैसा उत्पाद लिखना होगा।

सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान निर्माता कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने बिक्री पर रोक से हुए आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित इकाई से बिक्री प्रतिबंधित होने के कारण कंपनी को 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है। उनके मुताबिक, इस रोक का असर राज्य के आबकारी राजस्व पर भी पड़ा है और महाराष्ट्र सरकार को करीब 350 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

कंपनी ने अदालत में यह भी बताया कि महाराष्ट्र में उसकी प्रभावित इकाई से बिक्री पर रोक है, जबकि दूसरे राज्यों में उत्पाद की बिक्री जारी है। कंपनी के अनुसार, महाराष्ट्र में लगी पाबंदी के कारण लगभग 300 कर्मचारी भी काम से प्रभावित हुए हैं। निर्माता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि बिक्री पर प्रतिबंध से उसके कारोबार को गंभीर नुकसान हो रहा है।

विवाद का मुख्य कारण ओल्ड मंक में इस्तेमाल होने वाली स्पिरिट और उसके स्वाद से जुड़ा है। एफएसएसएआई की आपत्ति है कि उत्पाद में न्यूट्रल स्पिरिट के साथ अलग से रम का फ्लेवर मिलाया जाता है। प्राधिकरण के मुताबिक, इस तरह तैयार किए गए उत्पाद को सामान्य रम के रूप में पेश करने से उपभोक्ताओं को उसकी वास्तविक संरचना के बारे में भ्रम हो सकता है। इसी वजह से वह लेबल पर उत्पाद को ‘रम’ के बजाय ‘रम-लाइक’ या फ्लेवर्ड स्पिरिट के रूप में दर्शाने पर जोर दे रहा है।

प्राधिकरण ने ओल्ड मंक की पैकेजिंग पर इस्तेमाल किए गए कुछ अन्य विवरणों पर भी सवाल उठाए हैं। इनमें ‘7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड’ और ‘वेरी ओल्ड वैटेड’ जैसे शब्द शामिल हैं। एफएसएसएआई का कहना है कि उत्पाद के निर्माण और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री के संबंध में लेबल पर दी गई जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि खरीदार को उत्पाद की प्रकृति और उसकी उम्र के बारे में गलत धारणा न बने।

दूसरी ओर, निर्माता कंपनी का तर्क है कि संबंधित नियम स्वीकृत एडिटिव्स के साथ न्यूट्रल स्पिरिट के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि बाजार में दूसरे प्रतिस्पर्धी ब्रांड भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाते हैं, लेकिन उनके खिलाफ समान कार्रवाई नहीं की गई। इस तरह कंपनी ने प्राधिकरण की कार्रवाई और बिक्री पर रोक के आधार पर सवाल उठाए हैं।

विवाद सुलझाने के लिए कंपनी ने पहले संशोधित लेबल पेश करने की सहमति दी थी। इसमें उम्र से जुड़े विवादित विवरण हटाने और उत्पाद में अतिरिक्त फ्लेवर मिलाए जाने की जानकारी को प्रमुखता से दिखाने का प्रस्ताव शामिल था। हालांकि, संशोधित लेबल को मंजूरी नहीं मिली और दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। हाई कोर्ट ने पहले भी बिक्री पर रोक के खिलाफ तत्काल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।


  • मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को करेगी। फिलहाल, बिक्री पर रोक और लेबल में बदलाव को लेकर विवाद का अंतिम समाधान नहीं हुआ है। अदालत में होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

    Share:

  • ऋषभ पंत चोट के कारण न्यूजीलैंड दौरे के पहले दो मैचों से बाहर, युवा विकेटकीपर को इंडिया ए टीम में मिला मौका..

    Tue Oct 13 , 2026
    नई दिल्ली ।ऋषभ पंत (Rishabh Pant) चोट (Injury) के कारण न्यूजीलैंड दौरे (New Zealand Tour) पर इंडिया ए टीम (India A Team) के शुरुआती दो मैचों में नहीं खेल पाएंगे। उनकी जगह युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र (Kumar Kushagra) को टीम में शामिल किया गया है। पंत की फिटनेस को देखते हुए पहले ही उनके दौरे […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved