विदेश

डेल्टा से भी ज्यादा संक्रामक है ओमिक्रॉन, दुनिया के 77 देशों में मिल चुके है ओमिक्रॉन संक्रमित

वाशिंगटन। कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट (corona new Variant Omicron ) अब तक दुनिया के करीब 77 देशों में फैल चुका (spread to 77 countries) है. अपने पूर्ववर्ती डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) से भी ज्यादा संक्रामक बताए जाए रहे इस वैरिएंट के केस अमेरिका(America) के 35 राज्यों में मिल चुके हैं. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन World Health Organization (WHO) ने भी आशंका जाहिर की है कि ओमिक्रॉन (Omicron) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दुनिया में हॉस्पिटलाइजेशन और मौतों की संख्या में इजाफा(Increase in the number of hospitalizations and deaths) हो सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक देश में ओमिक्रॉन (Omicron) की वजह से अगले महीने तक नई लहर (New Covid Wave) आने की आशंका है. वहीं यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन(European Commission President Ursula von der Leyen) ने बुधवार को कहा कि मध्य जनवरी तक यूरोप में ओमिक्रॉन प्रभावी वैरिएंट बन सकता है. इस वक्त यूरोप में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही प्रभावी है.



दूसरी तरफ चीन में भी इस सप्ताह ओमिक्रॉन के मामले मिलना शुरू हो गए हैं. WHO के अधिकारियों का कहना है कि ओमिक्रॉन के कारण अफ्रीका में बीते सप्ताह में कोरोना मामलों में 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है.

डेल्टा से कम गंभीर संक्रमण लेकिन संक्रामक क्षमता ज्यादा
ओमिक्रॉन को लेकर हुई अब तक की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इससे डेल्टा की तुलना में कम गंभीर संक्रमण होता है. लेकिन इसकी संक्रामक क्षमता चिंताजनक है. इसके अलावा ये वैरिएंट प्रतिरोधक क्षमता को चकमा दे सकने में भी सक्षम बताया जा रहा है. यही कारण है कि दुनिया के कई एक्सपर्ट्स कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज की हिमायत कर रहे हैं.

बूस्टर डोज लेकर नई स्टडी
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि वैक्सीन के दो डोज ओमिक्रॉन के खिलाफ पर्याप्त कारगर नहीं है. स्टडी में तीसरे या बूस्टर डोज की वकालत की गई है. यूनाइटेड किंगडम में लोगों को वैक्सीन का बूस्टर डोज लेने की छूट भी दी जा चुकी है.

फाइज़र ने अपनी दवा के कारगर होने का किया है दावा
वहीं अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइज़र ने दावा किया है कि उसकी एंटी-वायरल दवा ओमिक्रॉन के खिलाफ भी 90 फीसदी तक कारगर है. यानी इस एंटी-वायरल दवा के इस्तेमाल के बाद संक्रमित व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने या फिर मौत का खतरा 90 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

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