
नई दिल्ली। महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के विधायकों (MLA) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट (Uddhav Thackeray faction) के 20 में से 14 विधायक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। हालांकि, शिंदे गुट की ओर से इस दावे की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यदि यह दावा सच साबित होता है तो ठाकरे गुट के पास विधानसभा में केवल 6 विधायक रह जाएंगे। दूसरी ओर, शिवसेना यूबीटी के विधायक कैलाश पाटिल ने इसे सिरे से खारिज करते हुए राजनीतिक पैंतरा बताया है। उनका कहना है कि पार्टी का कोई भी विधायक शिवसेना छोड़ने की तैयारी में नहीं है।
मुरजी पटेल ने बताया ‘ऑपरेशन टाइगर’
शिंदे गुट के विधायक मुरजी पटेल ने महाराष्ट्र में एक नए राजनीतिक अभियान का दावा करते हुए इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ बताया है। उनके मुताबिक ठाकरे गुट के 14 विधायक शिंदे के संपर्क में हैं। पटेल ने यह भी दावा किया कि विधायकों के बाद ठाकरे गुट के पार्षद भी शिंदे गुट का रुख कर सकते हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उद्धव ने बुलाई थी आपात बैठक
विधायकों के संभावित पाला बदलने की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने 1 सितंबर को बांद्रा स्थित अपने आवास मातोश्री में आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और संगठन को लेकर चर्चा किए जाने की बात सामने आई।
ठाकरे गुट ने हालिया विधानसभा चुनाव में 20 सीटें जीती थीं। ऐसे में यदि 14 विधायकों के पाला बदलने की बात सही होती है तो विधानसभा में पार्टी की संख्या और राजनीतिक प्रभाव पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि विधायक कैलाश पाटिल ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को पुराना राजनीतिक हथकंडा बताते हुए कहा कि एक भी विधायक पार्टी छोड़ने वाला नहीं है।
नवरात्रि से पहले टूट का दावा
1 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया था कि नवरात्रि से पहले करीब 14 शिवसेना यूबीटी विधायक सत्तारूढ़ खेमे में शामिल हो सकते हैं। इस संभावित अभियान को ‘ऑपरेशन टाइगर पार्ट-2’ नाम दिए जाने की बात कही गई है।
दावे के मुताबिक कोंकण, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के तीन प्रमुख मंत्री इस संपर्क अभियान की अगुआई कर रहे हैं। शिवसेना से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इन मंत्रियों की ठाकरे गुट के कुछ विधायकों से लगातार बातचीत चल रही है। यह भी दावा किया जा रहा है कि संभावित पाला बदलने वाले कुछ विधायक कैबिनेट में जगह, मंत्री पद से जुड़े विभाग या राज्य सरकार के निगमों में अध्यक्ष पद की मांग कर रहे हैं।
जून में 6 सांसदों ने बदला था पाला
विधायकों को लेकर चल रही अटकलें ऐसे समय सामने आई हैं, जब जून में ठाकरे गुट के 6 सांसद शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। इनमें संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), नागेश पाटिल-अष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी) शामिल हैं।
अब विधायकों के स्तर पर संभावित टूट की चर्चाओं ने महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट के सामने चुनौती खड़ी होने की अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि 14 विधायकों के शिंदे गुट में जाने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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