
नई दिल्ली. पुलवामा हमले (Pulwama Attack) के मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान (Hamza Burhan) की पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी थी. अब उसके ‘नमाज-ए-जनाजा’ में कई बड़े आतंकी संगठनों के टॉप मोस्ट कमांडर और कुख्यात आतंकी खुलेआम शामिल हुए.
हमजा को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दफनाया गया है. उसके जनाजे में भारत का मोस्ट वॉन्टेड और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन खुद मौजूद था. इसके अलावा, प्रमुख आतंकी संगठन अल-बदर का टॉप कमांडर और चीफ बख्त जमीन खान भी हमजा को अंतिम विदाई देने पहुंचा था.
जनाजे के दौरान कड़ी सुरक्षा
हमजा के जनाजे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. आतंकी संगठन अल-बदर के चीफ बख्त जमीन खान की सुरक्षा के लिए वहां दर्जनों आतंकी तैनात किए गए थे. ये सभी AK-47 और घातक हथियारों से पूरी तरह लैस थे, जो घेरा बनाकर बख्त जमीन खान की रखवाली कर रहे थे.
हालांकि, इस भारी सुरक्षा और आधुनिक हथियारों के बीच वहां मौजूद सभी आतंकी कमांडरों के चेहरों पर अज्ञात हमलावरों का खौफ भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा था. हाल के दिनों में पाकिस्तान और PoK के भीतर कई बड़े आतंकियों की जिस तरह चुन-चुनकर हत्याएं हुई हैं, उससे इन आतंकी संगठनों के टॉप कमान के बीच भारी डर का माहौल है.
कौन था हमजा बुरहान?
बता दें कि हमजा बुरहान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का बेहद करीबी माना जाता था. ISI में कर्नल रिजवान नाम का अधिकारी उसका मुख्य हैंडलर था, जो उसे भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए दिशा-निर्देश और वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराता था. हमजा मुजफ्फरबाद में एक औद्योगिक परिसर से अपना पूरा नेटवर्क चलाता था, जिसे ‘माचिस फैक्ट्री’ कहा जाता है.
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यहां हमजा अल-बराक के पूर्व कमांडर फारूक कुरैशी के साथ मिलकर कश्मीर घाटी में ड्रग्स की तस्करी, जाली नोटों का रैकेट और हथियारों की सप्लाई का काला कारोबार कर रहा था.
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