जिनेवा। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council) में भारत ने जम्मू-कश्मीर (J&K) और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर पाकिस्तान (Pakistan) को कड़ा जवाब दिया। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी (Kshitij Tyagi) ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों को लेकर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का केवल वही हिस्सा विदेशी कब्जे में है, जिस पर पाकिस्तान का कब्जा है और भारत एक बार फिर उसे खाली करने की मांग करता है। यह बयान 24 सितंबर को मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र की बैठक में भारत की ओर से दिया गया।
त्यागी ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को लेकर उसके रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में शामिल है और देश के अल्पसंख्यक मतदान करते हैं, कानून बनाते हैं, सर्वोच्च न्यायालय में बैठते हैं तथा विभिन्न संस्थानों का नेतृत्व करते हैं। इसके विपरीत उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों की स्थिति का उल्लेख करते हुए जबरन धर्मांतरण, विवाह और ईशनिंदा कानूनों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान के शिया, अहमदिया, इस्माइली और हजारा समुदायों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उन्हें व्यवस्थित उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है तथा उनके धार्मिक स्थलों पर हमले किए जाते हैं।
कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का भी किया जिक्र
भारतीय राजनयिक ने 1990 में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान से हथियार, प्रशिक्षण और समर्थन पाने वाले आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से विस्थापित किया। उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने बाद में विभिन्न धर्मों के कश्मीरियों को निशाना बनाया, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम भी शामिल थे। त्यागी ने पाकिस्तान के उस रुख पर सवाल उठाया, जिसमें वह इसी परिषद से कश्मीर के मामले में जांच की मांग करता है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र का भी मुद्दा उठाया
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। त्यागी ने कहा कि परिषद को पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जून से कई आम नागरिकों के मारे जाने, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी तथा भोजन और दवाओं की आपूर्ति रोके जाने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि इन आरोपों के सामने आने पर पाकिस्तान ने मुद्दे का जवाब देने के बजाय पॉइंट ऑफ ऑर्डर का सहारा लिया।
भारत ने तंज कसते हुए कहा कि यदि परिषद में कोई प्रतिनिधिमंडल ऐसा है, जिसके मामले में परिषद की जांच के सभी वस्तुनिष्ठ मानदंड लागू होते हैं, तो वह पाकिस्तान है।
पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को किया खारिज
भारत के बयान के बाद पाकिस्तान ने जवाब के अधिकार के तहत भारतीय आरोपों को निराधार बताया। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं है और पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता है। पाकिस्तान ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगाए। इस तरह परिषद की बैठक में दोनों देशों ने जम्मू-कश्मीर और मानवाधिकारों को लेकर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
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