
नई दिल्ली। संसद (Parliament) में विपक्ष (Opposition) की संख्या भले ही पहले की तुलना में कम हुई हो, लेकिन मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में सरकार को घेरने के लिए INDIA गठबंधन ने अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में टूट के साथ-साथ डीएमके की नाराजगी के बीच विपक्षी दल अब एकजुट होकर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में हैं।
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों से विपक्षी गठबंधन की धार कुछ कमजोर हुई है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ सरकार की नीतियों का विरोध करेगा। विपक्ष आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
खरगे की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की अहम बैठक
मॉनसून सत्र की रणनीति को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद सत्र की रणनीति, विपक्षी एकजुटता और संगठन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को उठाने की बात कही। उन्होंने इसे देश में भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में से एक बताया और आरोप लगाया कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय भी है। उन्होंने इस मामले में संघ और विश्व हिंदू परिषद पर आरोप लगाए और कहा कि विपक्ष इसे संसद में मजबूती से उठाएगा।
डीएमके को साथ रखने की कोशिश
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि INDIA गठबंधन के कई दल लगातार डीएमके के संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस के टीवीके सरकार में शामिल होने को लेकर नाराजगी के बावजूद डीएमके गठबंधन के सामूहिक फैसलों के खिलाफ नहीं जाएगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि अगर गठबंधन के सभी दल साथ रहते हैं तो संसद में सरकार को घेरने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
एक समय में एक मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष ने मॉनसून सत्र के लिए मुद्दे उठाने का तरीका भी तय किया है। गठबंधन के नेता एक साथ कई मुद्दों को उठाने के बजाय उन्हें क्रमवार तरीके से सदन में रखने की रणनीति बना रहे हैं।
विपक्षी नेताओं के अनुसार, इससे हर मुद्दे पर सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा सकेगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में चर्चा की मांग भी की जाएगी।
मॉनसून सत्र में INDIA गठबंधन की कोशिश होगी कि संख्या बल कम होने के बावजूद सरकार की नीतियों, फैसलों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उसे जवाब देने के लिए मजबूर किया जाए।
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