
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस अब कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करेगी। राज्य में मानसिक रूप से परेशान, बीमार और असहाय व्यक्तियों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी अब पुलिसकर्मियों की होगी। पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग ने मानसिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों की सहायता, संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस रेगुलेशन के पैरा 405 के तहत निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान यदि कोई मानसिक रूप से अस्वस्थ या असहाय व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर दिखता है, तो उसे सुरक्षा प्रदान करना और समय पर अस्पताल पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति कई बार भटक जाते हैं और खुद को या दूसरों को जाने-अनजाने नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे रोगियों की मदद और संरक्षण के लिए पुलिसकर्मी इमरजेंसी फंड का उपयोग कर सकेंगे।
बेहतर काम करने पर मिलेगा इनाम
मानसिक रोगियों की मदद और संवेदनशीलता दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की सही समय पर मदद कर अस्पताल पहुंचाने वाले पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा।
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