
नई दिल्ली । अयोध्या स्थित राम मंदिर (Ram Temple) में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच अब गोपनीय सूचनाओं (Confidential Information) के बाहर पहुंचने की कड़ी तक भी पहुंच गई है। पुलिस (Police) ने उस व्यक्ति तक पहुंच बनाई है, जिस पर मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी (Sensitive Information) एक प्रमुख राजनीतिक दल (Political Party) के नेता तक पहुंचाने का शक है। जांच में इस व्यक्ति के लखनऊ (Lucknow) जाकर संबंधित नेता से मुलाकात करने की जानकारी भी सामने आई है।
मामले की पड़ताल के दौरान मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इसी दौरान दो कर्मचारियों से मिली जानकारी को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना गया। इनके बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उस संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंच बनाई, जिसके माध्यम से गोपनीय जानकारी बाहर जाने की आशंका जताई जा रही है।
जांच का रुख उस समय बदला, जब चढ़ावा चोरी की घटना के करीब एक महीने बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी सामने आई। इस बातचीत में ट्रस्ट के भीतर की गोपनीय सूचनाओं के बाहर पहुंचने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी अंदरूनी जानकारी किस व्यक्ति के जरिए बाहर पहुंच रही थी।
जांच में एक कर्मचारी के एक प्रमुख राजनीतिक नेता के संपर्क में रहने की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि वह कर्मचारी नेता से मिलने के लिए लखनऊ गया था। पुलिस इस संपर्क, लखनऊ यात्रा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर संदिग्ध के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जांच आगे बढ़ने के साथ संदिग्ध की सोशल मीडिया गतिविधियां भी पड़ताल का हिस्सा बनी हैं। जानकारी के अनुसार, जुलाई के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से कई पोस्ट हटा दी गईं। 28 जुलाई के बाद उसके अकाउंट पर कोई नई पोस्ट नहीं की गई। पुलिस ने हटाई गई पोस्ट से संबंधित डेटा हासिल करने के लिए साइबर सेल की मदद ली है।
इसके अलावा, चढ़ावा चोरी की घटनाओं के बाद संबंधित लोगों के बीच हुए संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों और लोगों के बीच हुए संपर्कों को मामले में सामने आए अन्य तथ्यों से जोड़कर देख रही है।
मामले में बैंक से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है। भारतीय स्टेट बैंक के सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें तीन कर्मचारियों से व्यापक स्तर पर पूछताछ हुई। दो कर्मचारियों से मिली जानकारी को विवेचना में अहम माना जा रहा है। पुलिस इन बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की मुख्य विवेचना अंतिम चरण में पहुंचने की बात कही जा रही है। पुलिस 25 सितंबर को आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। विवेचना के दौरान दो और नाम सामने आने की संभावना भी जताई गई है।
मंगलवार 22 सितंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे हो जाएंगे। कानून के अनुसार, निर्धारित अवधि में आरोपपत्र दाखिल नहीं होने की स्थिति में आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है। ऐसे में 25 सितंबर तक होने वाली कार्रवाई मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved