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प्रशांत किशोर ने जन सुराज को दिए 10 करोड़ रुपये, पार्टी को मिला 99.40 करोड़ का चंदा

October 30, 2026

नई दिल्ली। देश में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (Political parties) के वित्तीय खुलासों को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राजनीतिक दलों ने 20 हजार रुपये से अधिक का चंदा देने वाले दानदाताओं से कुल 1,064 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलने की घोषणा की है। इनमें जन सुराज को 99.40 करोड़ रुपये का चंदा मिला। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

एडीआर के विश्लेषण के अनुसार, चुनाव आयोग की सूची में शामिल करीब 2,074 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से लगभग दो-तिहाई के वार्षिक ऑडिट स्टेटमेंट या चंदा रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थे। इनमें से 1,330 दलों की कोई भी रिपोर्ट राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर नहीं मिली। केवल 461 दलों की दोनों रिपोर्ट उपलब्ध थीं, जबकि 273 दलों की इनमें से एक रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थी।

कुछ दलों को मिला सबसे ज्यादा चंदा

रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक दलों को मिले चंदे का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा पार्टियों के खाते में गया। ‘न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी’ ने 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे के रूप में सबसे ज्यादा 270.99 करोड़ रुपये मिलने की घोषणा की। इसके बाद ‘स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी’ को 228.81 करोड़ रुपये और ‘भारतीय गरीब विकास कल्याण पार्टी’ को 170.04 करोड़ रुपये का चंदा मिला।



  • जन सुराज की आय 101.32 करोड़ रुपये

    एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, जन सुराज ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 101.32 करोड़ रुपये की आय घोषित की। इसमें 99.40 करोड़ रुपये चंदे से प्राप्त हुए। इस अवधि में पार्टी का कुल खर्च 9.20 करोड़ रुपये रहा।

    पार्टी के शीर्ष 10 दानदाताओं ने 104 बार में कुल 97.72 करोड़ रुपये का योगदान दिया। रिपोर्ट में विश्लेषण की गई 10 पार्टियों के शीर्ष 10 दानदाताओं की ओर से दिए गए कुल चंदे में जन सुराज के इन दानदाताओं का हिस्सा 80.77 प्रतिशत बताया गया है।

    वेधास वेंचर्स ने दिए 85 करोड़, प्रशांत किशोर का 10 करोड़ का योगदान

    जन सुराज को सबसे बड़ा योगदान ‘वेधास वेंचर्स’ की ओर से मिला। कंपनी ने 85 बार में कुल 85 करोड़ रुपये का दान दिया। वहीं, पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 10 अलग-अलग बार में कुल 10 करोड़ रुपये का योगदान किया।

    एडीआर के आंकड़े राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में बड़े अंतर और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ी चुनौतियों को भी सामने रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों की वित्तीय रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होना राजनीतिक चंदे के खुलासे को लेकर सवाल खड़े करता है।

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