
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (UP) के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने (pay raise) की मांग को लेकर कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इसे श्रमिकों पर अत्याचार बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी – जिसकी हर आवाज को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।”
कांग्रेस सांसद ने कहा, ”नोएडा में काम करने वाले एक मजदूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है। तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई जिंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज की गहराई में डुबा देती है – यही है विकसित भारत का सच।”
पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे ऊर्जा संकट का किया जिक्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ”एक महिला मजदूर ने कहा – गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं। इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।”
उन्होंने आगे कहा, ”यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं – पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है। मगर, अमेरिका के टैरिफ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन – इसका बोझ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्र उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मजदूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज खाता है।”
मजदूर हक मांगे तो मिलता है दबाव और अत्याचार : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, ”वो मजदूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई – जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार।”
उन्होंने मोदी सरकार की ओर से लाए गए श्रम कानूनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”एक और जरूरी मुद्दा – मोदी सरकार ने चार श्रम कानून जल्दबाजी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया। जो मजदूर हर रोज 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फीस कर्ज लेकर भरता है – क्या उसकी मांग गैरवाजिब है? और जो उसका हक हर रोज मार रहा है – वो विकास कर रहा है?”
कांग्रेस सांसद ने कहा, ”नोएडा का मजदूर ₹20,000 मांग रहा है। यह कोई लालच नहीं – यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मजदूर के साथ हूं – जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।”
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved