
चित्तौड़गढ़। राजस्थान (Rajasthan) के चित्तौड़गढ़ जिले (Chittorgarh District) के भूपाल सागर क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाशमा (Government Higher Secondary School, Jashma) में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल भवन के बरामदे की छत की 11 पट्टियां अचानक गिर गईं। राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई और फिलहाल स्कूलों में ग्रीष्मावकाश चल रहा है। यदि स्कूल संचालित होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव में दहशत और नाराजगी का माहौल है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
तेज धमाके की आवाज से दहशत
जानकारी के अनुसार गुरुवार रात स्कूल के बरामदे की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। शुक्रवार सुबह घटना की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ स्कूल परिसर में जमा हो गई। यह विद्यालय पहली से बारहवीं कक्षा तक संचालित होता है, जहां आसपास के कई गांवों के बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। ऐसे में घटना की खबर सुनकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपखंड मजिस्ट्रेट महेश कुमार गगोरिया, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्कूल भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति का जायजा लेते हुए स्कूल स्टाफ से जानकारी ली।
सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग के निर्देश
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर विद्यालय परिसर के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास तत्काल बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वहां लोगों और बच्चों की आवाजाही रोकने को कहा गया है।
पहले से जर्जर था भवन
प्राथमिक जांच में सामने आया कि स्कूल भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। शिक्षा विभाग के अनुसार, भवन को पहले ही मरम्मत योग्य श्रेणी में रखा गया था। इसके जीर्णोद्धार के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान संस्थान फंड से करीब पांच लाख रुपये की राशि भी मंजूर की जा चुकी थी।
मरम्मत में देरी पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों ने समय पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही काम शुरू कर दिया जाता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
स्कूल भवनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद सरकारी स्कूल भवनों की हालत और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह हादसा स्कूल समय में होता, तो कई बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। लोगों ने प्रशासन से नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूल भवन की पूरी जांच कराने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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