
- उत्तरपुस्तिका में दो प्रश्नों के मूल्यांकन न होने का दावा, परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीपीएड चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा द्वारा उत्तरपुस्तिका के कथित त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन के बावजूद रीचेकिंग में भी सुधार न होने से नाराज छात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा की गाड़ी रोककर विरोध प्रदर्शन किया। घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, शिकायत निवारण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
लालमाटी निवासी छात्रा निकिता रजक ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट विषय की परीक्षा दी थी। छात्रा का आरोप है कि उसे अपेक्षा से कम अंक दिए गए। जब उसने रीवैल्यूएशन कराया तो परिणाम यथावत रहा। छात्रा का दावा है कि उत्तरपुस्तिका का अवलोकन करने पर उसने पाया कि दो प्रश्नों का मूल्यांकन ही नहीं किया गया था, जिसका वीडियो भी उसके पास उपलब्ध है। इसके बावजूद रीचेकिंग प्रक्रिया में न तो इस त्रुटि को सुधारा गया और न ही अंक बढ़ाए गए। ऐसे में विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और रीचेकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब छात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर से निकल रहे कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा की कार के सामने खड़े होकर न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति ऐसी बनी कि कुलगुरु को अपनी गाड़ी वापस मोड़कर दूसरे मार्ग से परिसर से बाहर जाना पड़ा। मौके पर मौजूद प्राध्यापकों ने छात्रा को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह निष्पक्ष जांच और दोबारा मूल्यांकन की मांग पर अड़ी रही।
छात्रा के समर्थन में एनएसयूआई भी खुलकर सामने आई। एनएसयूआई प्रभारी अचल नाथ ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत का निष्पक्ष समाधान किया जाता तो छात्रा को इस प्रकार विरोध प्रदर्शन करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता