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कंपनियों को राहत और कर्मचारियों को मिलेगा अटका पैसा

July 22, 2026

  • ईपीएफओ की विश्वास-2026 योजना में पुराने पीएफ विवाद होंगे खत्म

भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भविष्य निधि (पीएफ) जमा करने में हुई देरी से जुड़े पुराने विवादों और लंबित मामलों के समाधान के लिए ‘विश्वास-2026 नाम से एकमुश्त विवाद निपटान योजना शुरू की है। श्रम मंत्रालय की इस पहल से वर्षों से कानूनी विवादों में फंसी कंपनियों को राहत मिलेगी, वहीं कर्मचारियों का अटका हुआ पीएफ भी जल्द उनके खातों में पहुंच सकेगा। यह योजना 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है और अगले छह महीने तक प्रभावी रहेगी। इसका लाभ विशेष रूप से उन औद्योगिक इकाइयों और नियोक्ताओं को मिलेगा, जिनके खिलाफ पीएफ अंशदान में देरी को लेकर कार्रवाई या विवाद चल रहे हैं।



  • व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के अनुसार कई बार आर्थिक मंदी, तकनीकी समस्याओं या वित्तीय संकट के कारण कंपनियां समय पर पीएफ जमा नहीं कर पातीं। इसके बाद उन पर भारी ब्याज, क्षतिपूर्ति और कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाती है। ‘विश्वास-2026Ó योजना के तहत देरी से जमा किए गए पीएफ पर लगने वाली क्षतिपूर्ति और ब्याज की गणना रियायती दरों पर की जाएगी। इससे नियोक्ताओं का वित्तीय बोझ कम होगा और वे पुराने मामलों का शीघ्र निपटारा कर सकेंगे।

    कर्मचारियों को मिलेगा फंसा हुआ पीएफ
    योजना का सबसे बड़ा लाभ कर्मचारियों को मिलेगा। कई मामलों में कंपनियों और ईपीएफओ के बीच चल रहे विवादों के कारण कर्मचारियों का पीएफ वर्षों तक अटका रहता है। अब विवादों के समाधान के बाद कर्मचारियों के पीएफ की लंबित राशि जल्द उनके खातों में स्थानांतरित की जा सकेगी, जिससे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    इन मामलों पर लागू होगी योजना
    ‘विश्वास-2026Ó योजना के दायरे में चार प्रकार के विवादित मामले शामिल किए गए हैं- जिन मामलों में क्षतिपूर्ति या जुर्माने के आदेश को अदालत या ट्रिब्यूनल में चुनौती दी गई है। जिन मामलों में अंतिम आदेश जारी हो चुका है, लेकिन वसूली लंबित है या आंशिक रूप से हुई है। जिन मामलों में विभाग की ओर से नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन अंतिम आदेश अभी पारित नहीं हुआ है। ऐसे मामले, जिनमें अभी तक क्षतिपूर्ति या जुर्माने का नोटिस भी जारी नहीं किया गया है।

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