
भोपाल। राजधानी के रातीबड़ इलाके में मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की मंगलवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने वारदात को हादसे का रूप देने के लिए कमरे में गैस सिलिंडर का नोजल खोल दिया और फरार हो गया। बुधवार सुबह कमरे में गैस की दुर्गंध फैलने पर पत्नी को घटना का पता चला। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या का संदेह दो दिन पहले ही घर में नौकरी पर रखे गए पंजाब निवासी वरुण कुमार पर है। वारदात के बाद से वह फरार है और सीसीटीवी कैमरों में घर से निकलकर भागता दिखाई दिया है।
राकेश अग्रवाल वर्ष 2016 में नरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वे रातीबड़ थाना क्षेत्र में सूरज नगर के पास नागेश्वर मंदिर के नजदीक स्थित अपने निजी आवास में पत्नी के साथ रहते थे। घर में दो नौकर भी काम करते थे। अग्रवाल के निवास पर रहने वाले राजन नाम के पुराने नौकर ने बताया कि अग्रवाल की पत्नी का मेरी पत्नी के पास सुबह करीब साढ़े चार बजे फोन आया कि मेरा कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है, खुल नहीं रहा है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा और उनका दरवाजा खोला।
पुलिस के अनुसार अग्रवाल की देखरेख के लिए एक मैनपावर सप्लाई एजेंसी के माध्यम से पंजाब निवासी वरुण कुमार को दो दिन पहले ही केयरटेकर के रूप में रखा गया था। वह रात में अग्रवाल के कमरे के बाहर सोता था। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे अग्रवाल की पत्नी को घर में गैस की तेज दुर्गंध महसूस हुई। उन्होंने केयरटेकर को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर को फोन कर घर बुलाया। तब अग्रवाल की हत्या का पता चला।
सूचना मिलते ही रातीबड़ पुलिस के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। स्निफर डॉग की मदद से आरोपी के संभावित भागने के रास्ते का पता लगाने का प्रयास किया गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
हत्या के बाद संदिग्ध नौकर वरुण कुमार सीसीटीवी कैमरों में घर से भागता दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि वह अपना सामान भी साथ लेकर गया। पुलिस के फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों ने घर में कीमती सामान और अलमारियों से फिंगर प्रिंट लिए हैं। ऐसे में पुलिस लूटपाट के एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पंजाब स्थित उसके पते का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके अलावा शहर में नाकाबंदी कर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर शोक व्यक्त करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि मैंने पुलिस महानिदेशक को मामले की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह संवेदनशील है। घटना के संबंध में दोषियों को चिन्हित कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या की घटना पर राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से पुलिसकर्मियों को बुजुर्ग सेवानिवृत्त लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित करने की बात कही। राकेश अग्रवाल के बच्चे विदेश में रहते हैं। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया है। पुलिस परिजनों के भोपाल पहुंचने का इंतजार कर रही है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत और हमले की प्रकृति को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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