
पटना । सम्राट चौधरी सरकार (Samrat Chaudhary Government) ने बिहार विधानसभा में ध्वनिमत से (In Bihar Assembly by Voice Vote) विश्वास मत हासिल कर लिया (Won Vote of Confidence) ।
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के पक्ष में विधानसभा में शुक्रवार को ध्वनि मत से विश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। विश्वास मत पर बहस के बाद सदन में सत्ता पक्ष के पक्ष में बहुमत रहा, जबकि विपक्ष संख्या बल के मामले में पीछे रह गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने प्रस्ताव के पास होने की घोषणा कर दी। संख्या बल के हिसाब से पहले से ही वोटिंग की संभावना कम थी। 243 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार को अपना बहुमत साबित करने के लिए 122 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन एनडीए ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए 201 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को पहली बार पहुंचे सम्राट चौधरी का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा से निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 15 अप्रैल को एनडीए की सरकार बनी। सरकार के विश्वास मत के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री को राज्य सरकार को वैध ठहराने के लिए विधानसभा में बहुमत साबित करना होता है। नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में, एनडीए ने 202 विधायकों के साथ बहुमत हासिल किया, जिससे विश्वास मत से पहले सरकार मजबूत स्थिति में आ गई। हालांकि, नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।
नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता और चुनाव सहित 29 विभागों का प्रभार संभाल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य सहित 10 विभाग सौंपे गए हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ऊर्जा और योजना एवं विकास सहित आठ विभागों के प्रभारी हैं। बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार अभी होना बाकी है।
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