
वर्कशाप वाहन और जीटीएस प्रभारी हर रोज वाहन चालकों की जांच करेंगे
इंदौर। नगर निगम (Municipal council) की हल्ला गाडिय़ों (Noisy vehicles) से लेकर कई बड़ी गाडिय़ों के वाहन चालकों (Vehicle drivers) पर शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप लगते रहे हैं। इसी के चलते अब निगम कमिश्नर के निर्देश पर हर झोन और जीटीएस पर हल्ला गाडिय़ों से लेकर कई वाहनों के ड्राइवरों की जांच ब्रिथ एनालाइजर के माध्यम से की जाएगी और एक अलग से टीम भी रहेगी, जो अलग-अलग स्थानों पर जाकर सडक़ों पर ही निगम वाहन रोककर उनके चालकों की जांच करेगी।
नगर निगम के पास करीब 1200 से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन हैं और इनमें सर्वाधिक वाहन स्वास्थ्य विभाग के हैं, जो डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से लेकर वार्डों में कचरा उठाने के कार्यों में लगाए जाते हैं। इसके अलावा शहरभर में बने कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर भी बड़े वाहन तैनात रहते हैं, जो स्टेशनों से कचरा भरकर देवगुराडिय़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से नगर निगम के अधिकारियों को शिकायतें मिल रही थीं कि कई निगम वाहनों के ड्राइवर शराब पीकर वाहन चला रहे हैं। इन आरोपों के चलते अब निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर नगर निगम ने 60 से ज्यादा ब्रिथ एनालाइजर खरीदे हैं। इनकी मदद से शराबी वाहन चालकों को पकड़ा जा सकेगा। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इनमें से अधिकांश ब्रिथ एनालाइजर झोनलों पर तैनात वाहन प्रभारियों और जीटीएस पर तैनात अधिकारियों को दिए गए हैं। हर रोज सुबह वाहन लेकर निकलने के दौरान चालकों की जांच की जाएगी, ताकि पता लग सके कि वे शराब पीकर तो नहीं आए हैं। इसके अलावा एक टीम बनाई गई है, जो शहरभर में निरीक्षण पर रहेगी और इन टीमों के पास ब्रिथ एनालाइजर रहेंगे और वे सडक़ों पर भी गुजर रहे निगम वाहनों के चालकों की जांच करेंगे। पिछले कुछ दिनों से निगम वाहन से कई दुर्घटनाएं भी हुई थीं और उसके बाद से निगम ने कई वाहन चालकों को वाहन सावधानी से चलाने के साथ-साथ उन्हें एक बार फिर से अलग-अलग स्थानों पर ट्रेनिंग दी थी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved