नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के पास एक व्यापारी जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई (U.S. Action) में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसे “असंवेदनशील” करार दिया है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी विदेश विभाग के बयान को साझा करते हुए सवाल उठाया कि एक रणनीतिक साझेदार देश की प्रतिक्रिया इतनी ठंडी कैसे हो सकती है। उन्होंने लिखा कि अमेरिकी बयान में भारतीय नागरिकों की मौत पर न तो संवेदना दिखाई गई और न ही किसी तरह का खेद व्यक्त किया गया।
थरूर ने पोस्ट में कहा, “अमेरिका का यह आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा झटका लगा। इसमें निर्दोष भारतीयों की मौत पर कोई संवेदना नहीं दिखी। कोई मित्र या रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?”
पूर्व राजनयिक रहे थरूर ने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या किसी व्यापारी जहाज को रोकने के लिए गैर-घातक विकल्प नहीं अपनाए जा सकते थे।
उन्होंने कहा कि होर्मुज क्षेत्र से गुजरने वाले कई कारोबारी जहाजों पर भारतीय क्रू सदस्य मौजूद रहते हैं। ऐसे में सैन्य कार्रवाई के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। थरूर ने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने इसी तरह के सवाल रखे होंगे।
तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर आपत्ति जताई। इसके बाद विदेश मंत्री S. Jaishankar और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच फोन पर बातचीत हुई।
भारत की ओर से कहा गया कि इस बातचीत में घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। हालांकि अमेरिकी पक्ष के आधिकारिक बयान में घटना पर संवेदना की स्पष्ट अभिव्यक्ति नहीं होने को लेकर विपक्ष और कुछ पूर्व राजनयिकों ने सवाल उठाए हैं।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी अमेरिका की कार्रवाई और प्रतिक्रिया को लेकर बहस तेज है। कई लोग सरकार से और सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बयान में दावा किया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जिसे अमेरिकी नौसेना ने विफल कर दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भारत या ईरान की ओर से ऐसी किसी घटना की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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