
महिदपुर। पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के देहात क्षेत्र के थाना महिदपुर, नागदा, खाचरौद एवं भाटपचलाना का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना व्यवस्थाओं, अभिलेखों, लंबित प्रकरणों एवं सीसीटीएनएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
थाना महिदपुर में पदस्थ आरक्षक समरथ पाटिकर द्वारा साइबर अपराधों से संबंधित प्रकरणों में ‘मनी रिस्टोरेशन मॉडलÓ पर सक्रिय रूप से कार्य करते हुए पीडि़तों को राहत प्रदान की जा रही है। उनके प्रयासों से साइबर ठगी के मामलों में होल्ड कराई गई राशि को नियमानुसार शीघ्र वापस दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया गया है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार 50,000 रुपये से कम की साइबर होल्ड राशि को आवश्यक सत्यापन एवं वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण होने पर पुलिस स्तर से ही, न्यायालयीन हस्तक्षेप के बिना, पीडि़तों के खातों में वापस कराया जा सकता है। इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से अनेक पीडि़तों को उनकी राशि वापस दिलाई गई है, जिससे आमजन का पुलिस पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशंसा-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक ने थाना नागदा में पुलिस व नगर निगम के समन्वय से शहरभर में स्थापित लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों को स्थापित कर थाने में कंट्रोल रूम बनाया गया। इस आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, सतत निगरानी व्यवस्था तथा बेहतर पुलिसिंग के लिए थाना प्रभारी नागदा निरीक्षक अमृतलाल गावरी को भी प्रशंसा-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। थाना खाचरौद एवं भाटपचलाना के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर, अभिलेख संधारण, अपराध नियंत्रण व्यवस्था तथा जनसेवा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की प्रभावी रोकथाम, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भाटपचलाना थाना भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के साथ आयोजित मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच में भी सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियाँ पुलिस बल में उत्साह, टीम भावना, अनुशासन एवं आपसी समन्वय को सुदृढ़ करती हैं। मैच के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान सभी थाना प्रभारियों को तकनीक आधारित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने, जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने तथा कानून-व्यवस्था के प्रति सतर्क एवं उत्तरदायी रहने के निर्देश दिए।