
नई दिल्ली । शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) के साथ उनकी हालिया तस्वीरें सामने आने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य (Political Future) को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। तस्वीरों के आधार पर यह सवाल उठने लगा कि क्या वह भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) छोड़कर कांग्रेस (Congress) में वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, शहजाद पूनावाला ने खुद सामने आकर इन अटकलों पर सफाई दी और कांग्रेस में शामिल (Joining) होने की संभावना से साफ इनकार कर दिया।
वायरल तस्वीरों में शहजाद पूनावाला और पवन खेड़ा एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं और दोनों हाथ मिला रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके कांग्रेस में जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। इसके बाद पूनावाला ने इस तस्वीर के पीछे की पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इसे लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक मायने सही नहीं हैं।
शहजाद पूनावाला के मुताबिक, यह तस्वीर एक कार्यक्रम के दौरान ली गई थी। उन्होंने बताया कि वह पायल मेहता के पिता की याद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद थे और कांग्रेस के भी कई नेता वहां पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वह अपने करीबी मित्र और भाई किरेन रिजिजू से बातचीत कर रहे थे। उस समय कई पत्रकार उनसे किरेन रिजिजू की स्विमिंग से जुड़ी तस्वीरों के बारे में सवाल कर रहे थे। इसी बातचीत के दौरान पवन खेड़ा का जिक्र हुआ। संयोग से उसी समय पवन खेड़ा सामने से वहां आ रहे थे। पूनावाला ने उन्हें बातचीत में शामिल किया और राज्यसभा के लिए चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। इस दौरान प्रफुल्ल पटेल भी उनकी बातचीत सुन रहे थे।
पूनावाला ने यह भी कहा कि वायरल तस्वीर को एडिट कर साझा किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्वीर को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, उसका वास्तविक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने से जुड़ी अटकलों को खत्म करते हुए साफ शब्दों में कहा कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने भाजपा को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना था कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी से कोई दिक्कत नहीं है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शोक सभा जैसी जगहों पर राजनीतिक दल बदलने या किसी तरह की राजनीतिक बातचीत करना उचित नहीं होता। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसी जगह का इस्तेमाल इस तरह की बातों के लिए नहीं करेगा।
कांग्रेस में जाने के सवाल पर शहजाद पूनावाला पहले भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अगस्त में उनसे इस संबंध में सवाल पूछा गया था, जिस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि वह कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे, लेकिन इसके लिए राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को हटाना होगा और नेहरू के कामों के लिए माफी मांगनी होगी। शहजाद पूनावाला ने साल 2017 में कांग्रेस से दूरी बना ली थी।