
नई दिल्ली. तमिलनाडु (Tamil Nadu) में विधानसभा चुनाव (assembly elections) नतीजे आए चार दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार पर सस्पेंस (Suspense over the Government) बरकरार है. इन चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके (TVK) बहुमत का आंकड़ा जुटाने की कोशिशों में जुटी है. विजय लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात पर मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन सस्पेंस छंटा नहीं है. इन सबके बीच तमिलनाडु की सियासत में एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है.
एएमएमके पार्टी के प्रमुख (AMMK Chief) टीटीवी दिनाकरन (TTV Dhinakaran) ने विजय की पार्टी पर अपने दल के समर्थन वाला फर्जी पत्र राज्यपाल को सौंपने का आरोप लगाया है और कहा है कि हम आपराधिक शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं. उन्होंने कहा है कि मेरे विधायक कामराज की ओर से टीवीके के समर्थन में एक पत्र जारी किया गया था. दिनाकरन ने कहा कि मुझे राज्यपाल से मिलने का समय मिला और मैंने उन्हें असली पत्र दिखाया, जो मुझे हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी से मिला था.
उन्होंने आगे कहा कि मुझे पता चला कि टीवीके ने उस पत्र की फर्जी फोटोकॉपी जमा की थी. दिनाकरन ने कहा कि राज्यपाल ने मूल पत्र मांगा था. उन्होंने कहा कि यह जालसाजी है और अब हम आपराधिक शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं. दिनाकरन ने एआईएडीएमके की अगुवाई में सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा कि हम अन्य दलों से समर्थन मांगेंगे और राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
दिनाकरन इसके बाद चेन्नई के गुइंडी थाने पहुंचे और फर्जी पत्र के मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंप दी. दिनाकरन ने टीवीके के खिलाफ जालसाजी का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत करर दी है. वहीं, विजय की पार्टी ने दिनाकरन के आरोप खारिज करते हुए एएमएमके विधायक एस कामराज का एक वीडियो जारी किया है.
विजय की अगुवाई वाली टीवीके की ओर से जारी किए गए वीडियो में एएमएमके विधायक कामराज विजय को समर्थन देने की बात कहते नजर आ रहे हैं. एएमएमके के इकलौते विधायक कामराज यह कहते नजर आ रहे हैं कि टीवीके के समर्थन का फैसला दिनाकरन की सहमति से लिया गया है. विजय की पार्टी ने यह वीडियो जारी करते हुए कहा है कि हमें किसी के साथ बार्गेन करने या नेगोशिएशन की जरूरत नहीं है.
इससे पहले, टीटीवी दिनाकरन ने विजय पर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने इकलौते विधायक एस कामराज के लापता होने की शिकायत भी राज्यपाल से की थी. हालांकि, आधी रात के बाद दिनाकरन फिर से लोकभवन पहुंचे. वह इस बार अपनी पार्टी के विधायक कामराज को भी साथ लेकर लोकभवन गए थे. दिनाकरन ने एक पत्र पढ़ा और दावा किया कि उनकी ओर से राज्यपाल को दिया गया एआईएडीएमके के समर्थन का पत्र ही वैध है.
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