
नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) में छिपे भारत (India) के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों (Most-wanted terrorists) पर अज्ञात हमलावरों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। हालिया घटना में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े और हाफिज सईद के करीबी आमिर हमजा को लाहौर में गोली मार दी गई। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के कई बड़े चेहरों की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या हुई है। स्थानीय रिपोर्ट्स में इन हमलों की जिम्मेदारी अक्सर अज्ञात हमलावरों पर डाली जाती रही है। खासकर 2023 के बाद इन घटनाओं में तेजी आई, जब महज सात महीनों के भीतर सात बड़े आतंकियों को मार गिराया गया।
इन आतंकियों का हो चुका है अंत:-
मोहम्मद ताहिर अनवर: मसूद अजहर का भाई, जिसकी हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
अबू कतल: हाफिज सईद का करीबी, मार्च 2023 में झेलम सिंध में मारा गया।
शाहिद लतीफ: 2016 के पठानकोट हमले का आरोपी, अक्टूबर 2023 में सियालकोट में मारा गया।
परमजीत सिंह पंजवड़: मई 2023 में लाहौर में गोली मार दी गई।
मुफ्ती कैसर फारूक: अक्टूबर 2023 में कराची में निशाना बनाया गया।
ख्वाजा शाहिद: PoK से अगवा होने के बाद मृत पाया गया।
अकरम खान गाजी: नवंबर 2023 में बाइक सवार हमलावरों ने हत्या की।
यह सिलसिला पुराने मामलों तक भी पहुंच चुका है। 1999 के IC-814 विमान अपहरण कांड से जुड़े मिस्त्री जहूर इब्राहिम को मार्च 2022 में कराची में मार गिराया गया था। वह लंबे समय से फर्जी पहचान के साथ छिपा हुआ था।
लगातार हो रही इन हत्याओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं आतंकी संगठनों के भीतर भी डर का माहौल बना हुआ है। इन हमलों के पीछे कौन है, इसे लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है और ‘धुरंधर’ की पहचान अब भी रहस्य बनी हुई है।
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