
जबलपुर। पहले पति, फिर बेटा दुनिया से विदा हो गया। पति की नौकरी बेटे के हिस्से में आई, तब तक सब ठीक था, लेकिन बेटे के गुजर जाने के बाद बहू के हिस्से में आई अनुकम्पा नियुक्ति से मुसीबतों का पहाड़ टूट गया। बेटे के मौत के बाद पोते को लेकर बहू अपने मायके चली गई। अब घर में मैं अकेली बेसहारा हूं और कैसे गुजारा करूं, ये सवाल खाए जा रहा है। ये दर्द है उस बुजुर्ग मां का जो बेटे को खो देने के गम से उभर भी नहीं पाई थी कि बहू ने जख्म देना शुरू कर दिया
मायके पहुंची बहू ने नौकरी पाने की जद्दोजहद
दीपक कुमार पटेल की असमय मृत्यु के बाद घर की परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। पुत्र के जाने के बाद वृद्ध मां शकुन बाई पटेल बिल्कुल अकेली रह गईं। इस दुखद मोड़ के बाद दीपक की पत्नी अपने मायके जाकर रहने लगीं। वर्तमान में दीपक के स्थान पर उनकी पत्नी द्वारा अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए वैधानिक कार्यवाही और प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस पूरी स्थिति ने बुजुर्ग मां के सामने जीवन यापन का एक नया संकट खड़ा कर दिया है, क्योंकि अब उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है।
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