
जबलपुर। शहर के हृदय स्थल सिविक सेंटर स्थित मां श्री बगलामुखी मठ में मां बगलामुखी सपर्या महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। संस्कार सेवा उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरा परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान रहा।
दो चरणों में संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान
पूरे महोत्सव को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया था। प्रथम चरण की शुरुआत सुबह विधि-विधान के साथ मां बगलामुखी के विशेष पूजन-अर्चन से हुई। धार्मिक विद्वानों की उपस्थिति में माता का अभिषेक और श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात दूसरे चरण में संगीत और आध्यात्मिक संवाद का कार्यक्रम रखा गया। ब्रह्मचारी चैत्यानंद महाराज के सान्निध्य में आयोजित भजन संध्या और संगीत कंसर्ट इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। मुंबई से आए प्रसिद्ध भजन गायक प्रमोद त्रिपाठी ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
युवाओं को मिला सफलता का महामंत्र
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मचारी चैत्यानंद महाराज ने उपस्थित जनसमूह, विशेषकर युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रवचन में भक्ति की शक्ति और सनातन धर्म की महिमा पर प्रकाश डाला। महाराज ने सफलता का सूत्र बताते हुए कहा कि अपने आराध्य के प्रति अटूट लगन और समर्पण से ही एकाग्रता का विकास होता है। यही एकाग्रता मनुष्य को उसके प्रत्येक कार्य में सिद्धि दिलाती है। उन्होंने आधुनिक जीवन शैली के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
आद्य शंकराचार्य जयंती पर विशेष आयोजन आज
महोत्सव के अगले क्रम में मठ परिसर में आज शाम आद्य शंकराचार्य जयंती पर भगवती माता का विशेष श्रृंगार, पूजन और आरती की जाएगी। आद्य गुरु शंकराचार्य के जीवन दर्शन और उनके सिद्धांतों पर आधारित एक संगोष्ठी का आयोजन भी रखा गया है। इस दौरान पादुका-पूजन, भगवान का अभिषेक और महाआरती के बाद उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
संस्कारों से जोडऩे का संकल्प
समिति के अध्यक्ष डॉ. सुधांशु गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय सभ्यता और संस्कारों से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में युवाओं को अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में आधुनिक परिवेश के युवाओं ने भी गहरी आस्था के साथ भागीदारी की। सिविक सेंटर का पूरा वातावरण भजनों की गूँज से भक्तिमय बना रहा, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
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