
जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र में बिजली मीटरों से छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी कराने वाले एक शातिर रैकेट का खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधारताल शहर जोन के प्रभारी सहायक अभियंता विवेक नेमा ने थाने उपस्थित होकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी कुतुबुद्दीन अंसारी उर्फ बबलू, जो नई बस्ती गाजी नगर गोहलपुर का निवासी है, के खिलाफ शासकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने और अवैध बिजली चोरी के मामले में भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138, 139 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा 238 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है ताकि पूछताछ में इस पूरे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
सॉफ्टवेयर की लीड से पकड़ी गई हेराफेरी
विद्युत कंपनी को अपने विशेष बेजली लीड्स सॉफ्टवेयर के माध्यम से मीटर में अवैध रूप से छेड़छाड़ किए जाने की पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई थी। इस डिजिटल इनपुट के आधार पर विभाग की विशेष जांच टीम ने 25 मई को संजय नगर अधारताल की निवासी श्रीमति ममता साहू के परिसर में लगे विद्युत कनेक्शन आईडीआरएस क्रमांक 1835000783 की सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान वहां स्थापित मीटर क्रमांक SCHNEIDEREZ0120264 में इनकमिंग फेस का सीटी वायर कटा हुआ मिला, जिससे वास्तविक बिजली खपत रिकॉर्ड नहीं हो पा रही थी। विभाग ने मौके पर ही पंचनामा क्रमांक स्नस्12026052516530851 तैयार किया। पूछताछ में उपभोक्ता ममता साहू ने खुलासा किया कि आरोपी कुतुबुद्दीन ने कम बिल आने का झांसा देकर उनसे 1500 रुपये लिए थे और मीटर खोलकर यह अवैध सेटिंग की थी, जिसका नोटराईज्ड शपथपत्र भी पुलिस को सौंपा गया है।
पूरे शहर में जारी है सघन चेकिंग अभियान
विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि बिजली चोरी और शासकीय परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मामलों को लेकर विभाग बेहद सख्त रुख अपना रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस बात की प्रबल आशंका है कि आरोपी कुतुबुद्दीन ने क्षेत्र के कई अन्य उपभोक्ताओं के मीटरों में भी इसी तरह की अवैध तकनीक का इस्तेमाल कर बिजली कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। इस खेल में कुछ अन्य बाहरी तत्वों और एक बड़े संगठित नेटवर्क के शामिल होने की पूरी संभावना है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के निर्देशानुसार अब पूरे जोन में ऐसे संदिग्ध मीटरों की पहचान के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। पुलिस हिरासत में आते ही आरोपी से उन सभी ठिकानों की सूची तैयार करवाई जाएगी जहां उसने मीटरों में छेड़छाड़ की है, जिससे जल्द ही इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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