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महिलाओं में इन्फर्टिलिटी की ये हैं खास वजह, इन उपायों से मिल सकती है राहत

डेस्क। आजकल महिलाओं में इन्फर्टिलिटी की समस्या बहुत कॉमन हो गई है. खराब लाइफस्टाइल को इस समस्या का जिम्मेदार माना जाता है. खराब लाइफस्टाइल की वजह से कम उम्र में ही ​महिलाओं को मोटापा और हार्मोनल परेशानियां होने लगी हैं. इसकी वजह से शरीर का पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाता है. इसके साथ ही वर्कप्लेस पर अ​त्यधिक वर्कलोड और घर को मैनेज करने की जिम्मेदारी के बीच एक महिला को काफी तनाव हो जाता है. इसके कारण भी तमाम समस्याएं बढ़ती हैं. यहां जानिए इन्फर्टिलिटी की समस्या की खास वजह और इससे बचने के तरीके के बारे में.

उम्र : आजकल लड़कियां करियर कॉन्शियस होती हैं, इसलिए वो देर से विवाह करती हैं. ज्यादातर लड़कियां 30 के बाद शादी कर रही हैं और शादी के बाद भी थोड़ा ब्रेक लेकर प्रेगनेंसी प्लान करती हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के शरीर में मौजूद अंडों की संख्या घटने लगती है और गुणवत्ता कम होने लगती है. यही बांझपन का एक कारण बन जाता है.

धूम्रपान : धूम्रपान और अल्कोहल लेने की आदत महिलाओं को भी हो गई है. आजकल तमाम महिलाएं इस मॉडर्न लाइफ का हिस्सा बन चुकी हैं. इससे उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है. कई शोध बताते हैं कि तंबाकू या अल्कोहल में मौजूद टॉक्सिन्स की वजह से उनके अंडाशय पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है. इससे इन्फर्टिलिटी का रिस्क बढ़ता है और गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है.

ईटिंग डिसऑर्डर : ओवर ईटिंग और लेस ईटिंग, दोनों ही शरीर के लिए हानिकारक हैं. इसे ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. कम खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते जिससे कई तरह की समस्याएं होती हैं. वहीं ओवर ईटिंग से मोटापा बढ़ता है, जो थायरॉयड, पीसीओडी आदि कई ऐसी बीमारियों की वजह बन जाता है, जिसमें हार्मोन असं​तुलित हो जाते हैं. इसकी वजह से भी कई बार प्रजनन क्षमता में कमी आती है.

तनाव: आजकल तनाव बहुत कॉमन समस्या है. अत्यधिक तनाव लेने से भी थायरॉयड जैसी कुछ बीमारियां घेर लेती हैं. इन बीमारियों में हार्मोन गड़बड़ाते हैं और गर्भ ठहरने में परेशानी होती है.

फैलोपियन ट्यूब : फैलोपियन ट्यूब बंद होने की समस्या भी आजकल तमाम महिलाओं में देखने को मिलती है. इसकी वजह से शुक्राणु अंडे तक पहुंच ही नहीं पाते और गर्भधारण कर पाना महिला के लिए काफी मुश्किल हो जाता है.

ये हैं उपाय

  1.  इसके लिए आपको पूरी तरह से अपने लाइफस्टाइल को बदलना होगा. रोजाना सुबह और शाम को करीब एक घंटे प्राणायाम और मेडिटेशन करें. इससे आपका तनाव काफी हद तक नियंत्रित होगा, साथ ही अन्य समस्याओं में भी आराम मिलेगा.
  2. फिजिकल वर्कआउट बहुत जरूरी है. इन्फर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए सर्वांगासन, पश्चिमोत्तानासन, सुप्त बद्ध कोणासन, भुजंगासन, सेतु बंधासन आदि काफी फायदेमंद हैं. इनका पूरा लाभ लेने के लिए इसे करने का तरीका किसी विशेषज्ञ से सीखें.
  3. अपनी डाइट का पूरा खयाल रखें. ज्यादा से ज्यादा फल, हरी सब्जियां, ड्राईफ्रूट्स, अंकुरित अनाज आदि लें. बाहरी फूड को अवॉइड करें.
  4. समय से सोने और समय से उठने की आदत डालें. धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाकर रखें.
  5. प्रेगनेंसी को प्लान करने में बहुत देर न करें. देरी सिर्फ इन्फर्टिलिटी की वजह नहीं बनती, बल्कि कई बार प्रेगनेंसी के दौरान कॉम्प्लिीकेशंस भी पैदा कर देती है.
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