ब्‍लॉगर

ये पॉलिटिक्स है प्यारे

राहुल की टीम के आगे किसी की नहीं चली
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर पूरी कांग्रेस अलर्ट मोड पर है। दीवाली निपटने के बाद तैयारी शुरू हो गई है। कांग्रेस का हर बड़ा नेता जितना ज्ञान उतनी बात कर रहा है, लेकिन राहुल की टीम ही सबकुछ फाइनल करेगी और 8 तारीख को इंदौर आने वाले कमलनाथ। आला संगठन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इसके अलावा किसी की चलने वाली नहीं है। पिछले दिनों पीसीसी सदस्यों ने दौरा किया, लेकिन रिपोर्ट राहुल की स्पेशल टीम को देना पड़ी। जिस तरह से राहुल की टीम के सामने कांग्रेसी हां में हां मिला रहे थे, उससे लगा कि सबकुछ राहुल के अनुसार ही चल रहा है। वैसे राहुल की यात्रा का फार्मेट तय है और उसी फार्मेट के अनुसार नेताओं को काम करना है, इसलिए किसी नेता की चल नहीं रही है। कुछ नेता तो राहुल को अपने क्षेत्र में ले जाने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन साफ कर दिया गया है कि जो तय हुआ है, वही रूट तय रहेगा।

क्यों नहीं हुआ ब्रिज का भूमिपूजन
सीएम के इंदौर आने के पहले आईडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा भोपाल में थे। उनके साथ गौरव रणदिवे, सावन सोनकर, मनोज पटेल और महापौर तक थे। सीएम इंदौर में आए और आईडीए को समय नहीं दे पाए। दरअसल सीएम इंदौर इसी कार्यक्रम में आने वाले थे, लेकिन संघ से जुड़े संगठन के कार्यक्रम के कर्ताधर्ताओं को वे मना नहीं कर पाए। मामला बड़े पदाधिकारियों से जुड़ा था। अब एक बार फिर तैयारी उन्हें बुलाने की तैयारी की जा रही है।
छोड़ेंगे ना हम तेरा साथ पूरे पंाच साल तक
संगठन के लाख मना करने के बावजूद महिला पार्षदों का साथ उनके पति नहीं छोड़ रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय के पति सतीश भी उनके साथ हर जगह नजर आते हैं। पिछले दिनों कलेक्टर की मौजूदगी में हुई बैठक में वे बराबर बैठे। सीएम के कार्यक्रम में मंच पर भी उन्हें पत्नी के पास ही जगह चाहिए थीं, इसलिए अधिकारी भी मना नहीं कर पाए। अब जिला पंचायत के किसी भी अधिकारी में इतनी ताकत तो है नहीं जो सत्तापक्ष के नेता को मना कर पाए।

ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन लोगों का ख्याल नहीं
इंदौर की जिस तरह से रेल मामलों में उपेक्षा हो रही है, उससे सीधे-सीधे लग रहा है कि यहां के जनप्रतिनिधियों को रेल सुविधा के मामले में या तो ज्यादा ज्ञान नहीं है या वे कुछ करना नहीं चाहते। पिछले दिनों जब छठ पूजा के लिए इंदौर से पाटलीपुत्र स्पेशल ट्रेन दी गई तो प्रचार किया गया कि ये सब उन्हीं लोगों ने करवाया है, जबकि इंदौर को बान्द्रा स्पेशल भी चाहिए थी, जिसमें वेटिंग का आंकड़ा 400 के पार पहुंच चुका था। इसको लेकर किसी ने भी आवाज नहीं उठाई और दिवाली मनाने मुंबई तथा पुणे से आने वाले लोगों से अनाप-शनाप किराया लेकर बस वालों ने दिवाला निकाल दिया। अधिकारियों ने भी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने आवाज उठाई, लेकिन जब भी कोई अधिकारी आता है तो ये ही जनप्रतिनिधि मीडिया के सामने इस तरह से पेश आते हैं कि पूरा मंत्रालय वे ही चला रहे हैं।
युवक कांग्रेस को मजबूत बनाने की तैयारी
कांग्रेस यूथ विंग को मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वो ऐसे युवा प्रवक्ताओं को तलाश रही है, जो भाजपा के थिंक टैंक से मुकाबला कर सके। शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी और अध्यक्ष ने प्रदेश प्रवक्ता पद पर महक नागर को मनोनीत किया। वैसे महक के पिता गिरधर नागर भी कांग्रेसी हैं। महक आगर विधायक विपिन वानखेड़े के साथ पहले से जुड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि दिल्ली तक काम कर आए महक प्रदेश में अपनी पार्टी का पक्ष मीडिया के सामने कितनी मजबूती से रख पाते हैं।
ठंडा पड़ गया अल्पसंख्यकों का विरोध
जिस तरह से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष असलम शेख की टीम का विरोध किया गया था। वह अब नजर नहीं आ रहा है। अंदर की खबर है कि जो नेता विरोध में थे, एक तरह से उन्होंने असलम के पक्ष में अपना समर्थन दे दिया है। ये नौबत तब आई जब असलम ने ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल कर संगठन को बताया कि मेरी टीम का विरोध करने वाले भी सीएए और एनआरसी का विरोध कर चुके हैं। उनके पास इसके वीडियो और फोटो तक मौजूद हैं।
भाजपा की पुरानी पारी खत्म, नई शुरू
विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा अब पूरी तरह से जवान हो गई है। यानि नई पारी शुरू हो गई है। पुरानी पारी में खेलने वाले कई लोग धीरे-धीरे बाहर होने लगे हैं और अब वे मार्गदर्शक मंडल में ही अपनी भूमिका निभाने वाले हैं। कृष्णमुरारी मोघे, सत्यनारायण सत्तन, सुमित्रा महाजन जैसे नेताओं के साथ कुछ ऐसे नेता भी हैं, जिनकी जगह गौरव रणदिवे, जयपालसिंह चावड़ा, सावन सोनकर जैसे नेताओं ने ले ली है। पार्टी पहले ही यूथ ओरिएंटेड हो चुकी है और मंडल तथा नगर कार्यकारिणी में जो नियुक्ति की गई है, उससे लग रहा है कि अब पुरानों की बखत दीनदयाल भवन में खत्म होने लगी है। कुछ को तो पहले ही कोर कमेटी से बाहर किया जा चुका है।
भाजपा सांसद केपी यादव ने राहुल गांधी की यात्रा के दौरान कुछ कांग्रेसियों के भाजपा में शामिल होने संबंधी बयान देकर कांग्रेस के बड़े नेताओं के कान खड़े कर दिए हैं। मुखबिरों को काम पर लगा दिया गया है कि पता करो कि कौन-कौन जाने की तैयारी कर रहा है? ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। भाजपाई राहुल गांधी की यात्रा में भीड़ देखकर भी बेचैन हैं। -संजीव मालवीय

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