वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और मीडिया के बीच जारी विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। व्हाइट हाउस ने शनिवार को ट्रंप की टेनेसी यात्रा (Tennessee Trip) के दौरान CNN को एयरफोर्स वन में सवार होने से रोक दिया। CNN को राष्ट्रपति के साथ यात्रा करने वाले व्हाइट हाउस टीवी प्रेस पूल में अपनी बारी के तहत कवरेज करनी थी। उसकी जगह कंजर्वेटिव नेटवर्क Real America’s Voice News को शामिल किया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही प्रतिबंधित तीन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में दोबारा प्रवेश मिला था।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, CNN को ट्रंप की शनिवार की टेनेसी यात्रा में एयरफोर्स वन पर जगह नहीं दी गई। ट्रंप नॉक्सविले में यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के बीच कॉलेज फुटबॉल मैच देखने वाले हैं। CNN की जगह Real America’s Voice News को कवरेज की जिम्मेदारी दी गई।
CNN इस यात्रा के लिए टीवी प्रेस पूल की निर्धारित बारी के तहत राष्ट्रपति के साथ जाने वाला था। इस पूल में CNN, ABC, CBS, NBC और Fox News बारी-बारी से राष्ट्रपति की सीमित जगह वाली यात्राओं और कार्यक्रमों की वीडियो कवरेज करते हैं और फुटेज दूसरे नेटवर्कों के साथ साझा करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को व्हाइट हाउस का टीवी वीडियो पूल फिर से सक्रिय हुआ था। ट्रंप प्रशासन द्वारा CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किए जाने के बाद अन्य प्रमुख नेटवर्कों ने एकजुटता दिखाते हुए पूल कवरेज रोक दी थी। एक न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के बाद प्रतिबंधित मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में वापस आने की अनुमति मिली और शुक्रवार को पूल ने दोबारा काम शुरू किया।
शुक्रवार को CNN ने ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नेशनल आर्काइव्स यात्रा की कवरेज भी की। यह कई दिनों बाद पहली बार था जब CNN के जरिए ट्रंप का लाइव वीडियो टीवी दर्शकों तक पहुंचा।
ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताह CNN, MS NOW और Politico के व्हाइट हाउस एक्सेस पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ तीनों संस्थानों ने अदालत का रुख किया और प्रथम संशोधन के तहत प्रेस की स्वतंत्रता और सरकारी अधिकारियों तक मीडिया की पहुंच से जुड़े सवाल उठाए। एक संघीय न्यायाधीश ने गुरुवार को अंतरिम आदेश के जरिए प्रशासन को इन संस्थानों की पहुंच बहाल करने का निर्देश दिया था।
शुक्रवार को प्रतिबंधित संस्थानों के पत्रकार कैमरे, लैपटॉप और माइक्रोफोन के साथ व्हाइट हाउस परिसर में लौटे। हालांकि, इसके अगले ही दिन CNN को राष्ट्रपति के विमान में सवार होने से रोक दिया गया।
व्हाइट हाउस टीवी प्रेस पूल का उद्देश्य सीमित जगह वाले कार्यक्रमों, खासकर एयरफोर्स वन और राष्ट्रपति के अन्य यात्राओं में, कुछ पत्रकारों और कैमरा टीमों के जरिए राष्ट्रपति की गतिविधियों को रिकॉर्ड करना और उसका वीडियो दूसरे मीडिया संस्थानों के साथ साझा करना है। पांच प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्क इस जिम्मेदारी को बारी-बारी से निभाते हैं।
इसी व्यवस्था के कारण CNN को केवल अपने नेटवर्क के लिए नहीं, बल्कि पूल के दूसरे सदस्यों के लिए भी राष्ट्रपति की कवरेज करनी होती है। इसलिए CNN को एयरफोर्स वन से हटाने का असर केवल उसके अपने कवरेज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है।
CNN ने शुक्रवार को इस घटनाक्रम पर अलग से विस्तृत टिप्पणी करने के बजाय अपनी संपादकीय कवरेज की ओर संकेत किया। CNN के मीडिया विश्लेषक ब्रायन स्टेल्टर ने सोशल मीडिया पर कहा कि नेशनल आर्काइव्स के कार्यक्रम के लिए CNN को वीडियो पूल की जिम्मेदारी मिली थी और व्हाइट हाउस ने उसके क्रेडेंशियल्स को मंजूरी दी थी।
वहीं, Real America’s Voice ने इस सप्ताह कहा था कि उसकी राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस पूल कवरेज अन्य मीडिया संस्थानों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच प्रेस एक्सेस, व्हाइट हाउस की कवरेज और प्रथम संशोधन से जुड़े अधिकारों को लेकर कानूनी और संस्थागत विवाद जारी है। अदालतों में लंबित मामलों और प्रशासन के अगले फैसलों से इस व्यवस्था की आगे की दिशा तय होगी।
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