
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव जिले (Unnao District) के पुरवा तहसील स्थित मदारपुर जूनियर स्कूल के हेड मास्टर(Headmaster) पर स्कूली बच्चों के साथ मारपीट और कथित तौर पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न (Mental And Physical Harassment) करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामला चर्चा में आया और बच्चों की सुरक्षा (Child Safety) तथा स्कूल में उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं।
पीड़ित बच्चों के परिजनों का आरोप है कि हेड मास्टर बच्चों से पढ़ाई से जुड़े कामों के बजाय निजी और गैर-शैक्षणिक कार्य करवाते थे। परिजनों के मुताबिक, बच्चों से निजी गाड़ी धुलवाने और स्कूल के टॉयलेट में पानी डालने जैसे काम भी कराए जाते थे। इन कामों को करने में किसी तरह की चूक होने पर बच्चों को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि अगर कोई बच्चा हेड मास्टर को ‘गुड मॉर्निंग’ कहना भूल जाता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। आरोपों के मुताबिक, अभिवादन नहीं करने या बताए गए निजी काम नहीं करने पर बच्चों को सजा के तौर पर पीटा जाता था।
बच्चों ने जब अपने साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी परिवार के सदस्यों को दी, तो मामला परिजनों तक पहुंचा। इसके बाद घटना को लेकर उनमें नाराजगी सामने आई। परिजनों ने मामले को गंभीर मानते हुए पुरवा के एसडीएम से मुलाकात की और हेड मास्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के दौरान परिजनों ने वायरल हो रहे वीडियो का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोपी हेड मास्टर के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता और मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पुरवा ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब वायरल वीडियो और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जांच के अंतिम निष्कर्ष या आरोपी हेड मास्टर के खिलाफ की गई अंतिम कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। बच्चों के साथ कथित मारपीट और उनसे निजी काम कराए जाने के आरोपों ने स्कूल की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल, परिजनों की शिकायत और वायरल वीडियो के बाद शिक्षा विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर आगे क्या कदम उठाया जाता है, यह जांच के निष्कर्ष के बाद सामने आएगा।
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