img-fluid

UP: लखनऊ में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सई नदी में डूबे 3 युवक…. पुलिस वाले बनाते रहे वीडियो

September 23, 2026

लखनऊ। लखनऊ (Lucknow) के मोहनलालगंज इलाके (Mohanlalganj area) में जबरैला पुल के पास मंगलवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन (Ganesh Idol Immersion) के दौरान सई नदी में तीन युवक डूब गए। मौके पर मौजूद भीड़ और पुलिस वाले भी वीडियो बनाते रहे और तीनों डूब गए। इस दौरान वहां खड़े पुलिस कर्मी अधिकारियों को फोन कर सामने डूब रहे युवकों की जानकारी देते रहे। युवकों के डूबने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उधर सूचना के बाद भी एसडीआरएफ देर से पहुंची। इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। पुलिस ने उनकी नोकझोंक भी हो गई। एसडीआरएफ के गोताखोर रात तक शव की खोजबीन करते रहे पर युवकों का कुछ पता नहीं चला।

सिसेंडी कस्बे में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले। कोरियानी मोहल्ले से भी सैकड़ो लोग मूर्ति विसर्जन के लिए उन्नाव जिले के बार्डर पर जबरैला पुल के पास पहुंचे थे। आठ- दस लोग मूर्ति लेकर सई नदी में उतर गए। विसर्जन कर जैसे ही वे लोग लौटने लगे तेज बहाव में प्रमोद (22), धीरज (25) और हरि प्रसाद (30) व एक अन्य युवक डूबने लगा। लोगों ने एक को तो बचा लिया। प्रमोद, धीरज व हरिप्रसाद को नहीं बचा सके। बहाव तेज होने के कारण लोग घबराकर बाहर निकल आए। लोगों ने पुलिस को सूचना की और डूब रहे युवकों का वीडियो बनाने लगे। सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई।


  • प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस के सामने भी युवक डूब रहे थे पर वे उन्हें बचाने के बजाय अफसरों को फोन कर जानकारी दे रहे थे। घंटे भर तक कोई गोताखोर नहीं पहुंचा। इससे भड़के ग्रामीणों की पुलिस से नोकझोंक शुरू हो गई। अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली बसंथ कुमार व एडीएम एफआर राकेश कुमार सिंह पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। एसडीआरएफ की टीमें रात तक खोजबीन करती रहीं पर तीनों का कुछ पता नहीं चला।

    सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे
    ग्रामीणों ने बताया सिसेंडी व आसपास के गांवो से मूर्ति विसर्जन के लिए लोग सई नदी में आते है। मंगलवार को भी लगभग एक से डेढ़ हजार लोगों की भीड़ जुटी थी। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कुछ पुलिस कर्मी मौजूद थे। वहां न कोई सुरक्षा इंतजाम थे न ही नदी में कोई बेरिकेडिंग थी। नाविक और तैराक भी तैनात नहीं थे।

    रोते हुए टकटकी लगाए नदी को निहारता रहा परिवार
    तीनों के डूबने पर उनके परिवारीजन रोते हुए टकटकी लगाकर नदी में निहारते रहे। प्रमोद फर्नीचर का काम करता है परिवार में उसके तीन भाई विनोद, मनोज व विनय है। मां रानी व पिता हरिशंकर का रो-रोकर बुरा हाल था। धीरज घरों में पेंटिग करा काम करता है मौके पर उसकी पत्नी अनीता मां दीपा पिता रामनरेश नदी के किनारे बैठे थे। हरिप्रसाद के परिवार में उनकी पत्नी श्यामावती अपने 12 साल के बेटे निहाल व आठ साल की निहारिका को गोद में चिपकाये पिता के वापस आने का दिलासा दे रही थी।

    एसडीआरएफ की टीमें दो घंटे बांद पहुंचीं
    ग्रामीणों के मुताबिक लगभग पांच बजे हादसा हुआ। सूचना पाकर पुलिस अधिकारी पहुंचे लेकिन कोई इंतजाम नहीं थे। शाम सात बजे एसडीआरएफ की टीम नदी में तलाश के लिए उतरी। पुल पर जनरेटर के सहारे हाइलोजन लगाकर प्रकाश की व्यवस्था की।

    Share:

  • BSP का सियासी आधार लगातार घटा... पार्टी के सामने संसद से लेकर राष्ट्रीय दर्जे तक की चुनौती

    Wed Sep 23 , 2026
    नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party)यानी BSP के सामने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)की राजनीति (Politics)में एक के बाद एक बड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। पार्टी का लोकसभा में पहले से कोई सांसद नहीं है और उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी अब उसका कोई विधायक नहीं बचा है। अगस्त 2026 में रसड़ा […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved