
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच विवाद सुलझाने के काफी करीब पहुंच सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौते का दायरा व्यापक हो सकता है और इसमें यूरोप की भूमिका भी अहम रहेगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है और दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संघर्ष को समाप्त कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार प्रयास किए जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।
ट्रंप ने युद्ध के मानवीय नुकसान का जिक्र करते हुए दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में हर महीने करीब 25 हजार लोग मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विवाद को भी जल्द सुलझाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने अपने बयान में यह नहीं बताया कि यह आंकड़ा किस अवधि या किस स्रोत पर आधारित है। शांति समझौते को लेकर उनकी ओर से कोई निश्चित समयसीमा भी नहीं दी गई है। ऐसे में उनके दावे के बावजूद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रूस और यूक्रेन बातचीत के लिए किस तरह की सहमति बनाते हैं।
रूस-यूक्रेन विवाद के अलावा ट्रंप ने अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हेगसेथ ने शानदार काम किया है। ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के समय की तुलना में अब अमेरिका के पास अधिक जनरल हैं। उनके इस बयान को अमेरिकी सैन्य नेतृत्व और रक्षा व्यवस्था की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वहां अमेरिकी सैन्य कार्रवाई महज 48 मिनट में समाप्त हो गई और अमेरिका को पूरी सफलता मिली। उनके मुताबिक इस कार्रवाई में किसी की मौत नहीं हुई। हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ईरान के मुद्दे पर भी ट्रंप ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका का इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ युद्ध चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण होने का दावा किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में अब इस समुद्री रास्ते से ज्यादा तेल गुजर रहा है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है इसलिए इससे जुड़े किसी भी घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिकी राजनीति पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने लॉस एंजिलिस और वॉशिंगटन डीसी के मेयर चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवारों की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई बार जनता नाराजगी के कारण बदलाव का रास्ता चुनती है लेकिन यह बदलाव तब सामने आता है जब हालात काफी बिगड़ चुके होते हैं। लॉस एंजिलिस के चुनाव को उन्होंने बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि स्पेंसर प्रैट अंतिम मुकाबले तक पहुंचेंगे। ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए धांधली होने का आरोप लगाया।
कुल मिलाकर ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने की उम्मीद दोहराई है। लेकिन शांति समझौते की शर्तों और उसमें शामिल होने वाले देशों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ट्रंप का दावा वास्तविक कूटनीतिक प्रगति में बदलता है या फिर यह बयान केवल एक नई उम्मीद बनकर रह जाता है।
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