नैरोबी। केन्या (Kenya) में धार्मिक अंधविश्वास (Religious Superstition) और दुनिया (World) खत्म होने की भविष्यवाणी के नाम पर सैकड़ों लोगों की जान लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कट्टर ईसाई धार्मिक समूह गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च (News International Church) के प्रमुख पादरी पॉल मैकेंजी को 190 बच्चों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। आरोप है कि मैकेंजी ने अपने अनुयायियों को विश्वास दिलाया था कि दुनिया जल्द खत्म होने वाली है और स्वर्ग में जगह पाने के लिए उन्हें भूखे रहकर अपनी जान देनी होगी। इस मामले में 400 से अधिक लोगों के शव बरामद किए गए थे। मैकेंजी के साथ उसके 28 सहयोगियों को भी दोषी ठहराया गया है।
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश डायना कावेद्जा ने कहा कि बच्चों की मौत किसी एक घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित व्यवस्था काम कर रही थी। इस व्यवस्था के तहत अनुयायियों को भूखे रहकर जान देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। फैसले के बाद पीड़ित परिवारों ने सरकार से आरोपियों को जेल में दूसरे कैदियों से अलग रखने की मांग की है। उन्हें आशंका है कि आरोपी जेल में भी अपने विचारों का प्रचार कर सकते हैं।
यह मामला केन्या के तटीय क्षेत्र किलिफी काउंटी के शाकाहोला जंगल में सामने आया था। यहां करीब 800 एकड़ में फैले चकामा रैंच से पुलिस और जांच एजेंसियों ने 400 से अधिक शव बरामद किए थे। कई शव बुरी तरह सड़ चुके थे, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च का प्रमुख पादरी पॉल मैकेंजी अपने अनुयायियों को ईसा मसीह से मिलने के नाम पर भूखे रहने और जान देने के लिए प्रेरित करता था। इसके लिए उसने अनुयायियों पर नजर रखने और कथित उपवास के आदेश को लागू कराने के लिए एक संगठित व्यवस्था भी बनाई थी।
इलाके से लोगों के लापता होने की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मैकेंजी समेत 28 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
मां ने छह बच्चों को भी भूखा मरने के लिए छोड़ा
इस मामले में कई परिवारों की दर्दनाक कहानियां सामने आई हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित स्टीफन मविति की पत्नी वर्ष 2022 में अपने छह बच्चों को लेकर शाकाहोला जंगल में पादरी के ठिकाने पर पहुंची थी। बाद में महिला को जीवित बचा लिया गया, लेकिन उसके सभी छह बच्चों की मौत हो गई। वह भी मैकेंजी के साथ जेल में है।
48 वर्षीय मविति ने इस सप्ताह तटीय शहर मालिंदी में अपने बेटे सैमुअल की कब्र पर जाते हुए रॉयटर्स से कहा, ”भले ही उसे फांसी दे दी जाए, लेकिन मैं अपने बच्चों को फिर कभी नहीं देख पाऊंगा।”
जंगल से बरामद करीब 190 बच्चों के शवों में केवल मविति के बेटे सैमुअल के शव की पहचान हो सकी थी। बाकी शवों की हालत इतनी खराब थी कि सैकड़ों मृतकों की पहचान करना मुश्किल हो गया।
मैकेंजी के विचारों के प्रचार की आशंका
जांचकर्ताओं को आशंका है कि पॉल मैकेंजी के विचारों का प्रभाव अभी भी कुछ लोगों पर बना हुआ है। आसपास के इलाकों में हाल ही में कुछ दर्जन और शव मिलने की खबरों ने चिंता बढ़ाई है। इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसके कुछ समर्थक अब भी ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, मैकेंजी और अन्य आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को भूखे रहने के लिए मजबूर नहीं किया।
मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आरोपियों को जेल में रखा गया है। उन्हें फांसी दिए जाने की संभावना की भी चर्चा है, हालांकि केन्या में कई दशकों से किसी को फांसी नहीं दी गई है।
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