
कोलकाता. चुनाव आयोग (election Commission) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की फलता (Falta) विधानसभा सीट पर भी दोबारा वोटिंग (Re-polling) के आदेश दिए हैं. यह फैसला चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद लिया गया है. इससे पहले शनिवार को ही दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान संपन्न हुआ. इनमें मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथ शामिल थे.
अब चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि इसी तरह की स्थिति को देखते हुए फलता में भी दोबारा मतदान कराया जाएगा. आयोग का कहना है कि वोटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए यह जरूरी कदम उठाया गया है. इस फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
दरअसल, यह फैसला उस वक्त आया जब दक्षिण 24 परगना जिले के इस इलाके में भारी बवाल मच गया. स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी पंचायत प्रधान इसराफिल ने उन्हें नतीजे आने के बाद हिंसा और आगजनी की धमकी दी थी. इस बात से गुस्साए हाशिमनगर गांव के सैकड़ों लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, सड़कों पर उतर आए. बीजेपी के झंडे लेकर ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया और सुरक्षा के साथ-साथ दोबारा चुनाव कराने की मांग की. बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां सीआरपीएफ (CRPF) की भारी तैनाती करनी पड़ी.
285 बूथों पर फिर से होगी री-पोलिंग
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, फलता विधानसभा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा री-पोलिंग कराई जाएगी. इसमें सहायक मतदान केंद्र भी शामिल रहेंगे. पूरी प्रक्रिया एक साथ कराई जाएगी ताकि हर बूथ पर समान माहौल बना रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे.
मतदान की तारीख भी तय कर दी गई है. 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और हर केंद्र पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो. री-पोलिंग खत्म होने के बाद मतगणना 24 मई 2026 को की जाएगी. इसी दिन नतीजों की तस्वीर साफ होगी और उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा.
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर चुनाव आयोग ने मानी गलती- कुणाल घोष
बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र से TMC उम्मीदवार कुणाल घोष ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि बिना प्रतिनिधियों की मौजूदगी के स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जो आवाजाही हो रही थी, उस पर पार्टी की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और भरोसा दिया है कि आगे ऐसा नहीं होगा.
कुणाल घोष के मुताबिक, पोस्टल बैलट वाले स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पहले न तो CCTV थे और न ही लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था, लेकिन अब वहां कैमरे लगा दिए गए हैं. उन्होंने साफ किया कि अब अंदर होने वाली हर गतिविधि पर उनके एजेंट लाइव स्क्रीन के जरिए नजर रख रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता भी दिन-रात वहां मुस्तैद हैं ताकि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे.
चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पूरी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी तरह की समस्या न आए. अब सबकी नजर 21 मई को होने वाली री-पोलिंग और 24 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है.
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