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नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह, राजकीय सम्मान के साथ दी गई विदाई

October 09, 2026

नई दिल्ली । अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) का 8 अक्टूबर की देर रात अंतिम संस्कार (Funeral) किया गया। उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम विदाई (last farewell)देने का फैसला लिया। अंतिम संस्कार के समय उनके बेटे मल्हार पाटेकर (Malhar Patekar) और पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ विदाई दी गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए करीबी लोगों के साथ कई कलाकार भी पहुंचे। देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर सवाल उठे, जिसके जवाब में मल्हार ने परिवार के फैसले की वजह बताई।

मल्हार पाटेकर से पूछा गया कि जब नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देने के लिए कई अन्य लोग भी आना चाहते थे, तो अंतिम संस्कार इतनी रात में क्यों किया गया। सवाल में यह भी पूछा गया कि क्या समारोह को अगले दिन तक टाला जा सकता था, ताकि फिल्म जगत के अधिक लोग वहां पहुंच सकें। इस पर मल्हार ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी कि अंतिम संस्कार देर रात ही करना जरूरी था या उसे अगले दिन नहीं किया जा सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार ने सुबह हुई घटना के बाद काफी समय बीत जाने के कारण उसी दिन अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।

मल्हार के मुताबिक, नाना पाटेकर का निधन सुबह हुआ था और तब तक काफी समय निकल चुका था। इसी वजह से परिवार ने फैसला किया कि अंतिम संस्कार उसी दिन कर दिया जाए। उनके जवाब से स्पष्ट हुआ कि परिवार का निर्णय समय को ध्यान में रखकर लिया गया था। उन्होंने यह नहीं कहा कि अगले दिन अंतिम संस्कार करने में कोई विशेष बाधा थी। परिवार ने उसी दिन अंतिम विदाई देने का विकल्प चुना और देर रात अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।

नाना पाटेकर की अंतिम विदाई के दौरान उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। उनके अंतिम सफर में ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, ‘नटसम्राट’ के लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने अभिनेता को विदाई दी। उनके निधन से जुड़े इस घटनाक्रम के बीच परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के समय को लेकर उठे सवालों पर भी प्रतिक्रिया सामने आई।

नाना पाटेकर 75 वर्ष के थे। जानकारी के मुताबिक, गोवा स्थित अपने फ्लैट में उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उनके बेटे मल्हार के अनुसार, घर पर मेडिकल टीम पहुंची। टीम ने नाना को बेहोशी की हालत में पाया। उन्हें बचाने की कोशिश की गई और फिर तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर के जरिए उनकी जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।


  • डॉक्टरों ने सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया। उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया और देर रात उन्हें अंतिम विदाई दी गई। मल्हार ने स्पष्ट किया कि सुबह निधन होने के बाद काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने अंतिम संस्कार को अगले दिन तक टालने के बजाय उसी दिन पूरा करने का निर्णय लिया। इस तरह देर रात अंतिम संस्कार किए जाने की वजह परिवार के फैसले और दिन में बीत चुके समय से जुड़ी थी।

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