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पुरुषों की तुलना महिलाओं में कोरोना वैक्‍सीन साइड-इफेक्ट्स का जोखिम ज्‍यादा, जानें क्‍यों?

किसी भी वैक्सीन से साइड इफेक्ट्स (side effects) का होना सामान्य घटना है. यह आपके स्वास्थ्य को किसी भी तरह के जोखिम में नहीं डालती और न ही शरीर पर लंबे समय तक असर छोड़ती है. कोरोना वायरस (corona virus) से संक्रमित होने पर हल्की बीमारी का अनुभव हो सकता है जबकि दूसरे लोगों में बिल्कुल कोई लक्षण नहीं दिखाई दे सकते. आपके इम्यून सिस्टम और शरीर का बाहरी रोगजनक के लिए प्रतिक्रिया के आधार लक्षण दिखने की संभावना होती है जो हल्का से गंभीर हो सकता है.

महिलाओं को साइड इफेक्ट्स का ज्यादा खतरा
कोरोना संक्रमण (corona infection) के जैसा वैक्सीन लक्षणों को ट्रिगर कर सकती है जो कोविड के लक्षणों के समान हो सकती है. ये देखते हुए कोविड वैक्सीन मूल वायरस की नकल हैं, ये इम्यून रिस्पॉन्स को ट्रिगर करता है जो कोरोना संक्रमण से सक्रिय होकर इम्यून रिस्पॉन्स (immune response) जैसा दिखता है. बुखार, थकान, मतली से लेकर शरीर के बदन दर्द तक वैक्सीन के आम साइड इफेक्ट्स हैं. उसके अलावा, कई लोगों को खुजली, लाली, इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन का अनुभव भी हो सकता है, जो एक या दो दिन में खत्म हो जाता है.


सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल (disease control) एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, रिसर्च बताती है कि कोविड-19 वैक्सीन के ज्यादातर रिएक्शन उतने गंभीर नहीं हैं, लेकिन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने वैक्सीन के ज्यादा साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट की. जब कभी किसी को वैक्सीन लगती है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जो हानिकारक रोगजनकों से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज पैदा करता है. ये बदले में शरीर के सूजन वाले रिस्पॉन्स का कारण बनता है, जिससे साइड इफेक्ट्स होते हैं.

कोविड-19 वैक्सीन के आम साइड इफेक्ट्स
महिलाओं में वैक्सीन (Vaccine) के अधिक अप्रत्याशित साइड इफेक्ट्स जैसे खुजलीदार लाल दाने का अनुभव करने की ज्यादा संभावना है. लाल दाने इंजेक्शन वाली जगह पर जाहिर होते हैं, क्योंकि रिएक्शन का करीब 95 फीसद मॉडर्ना की वैक्सीन के साथ होता है. जबकि रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं को वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स का ज्यादा खतरा है, ऐसा इसलिए हो सकता है कि पुरुषों के मुकाबले उनमें मजबूत और ज्यादा हेल्दी इम्यून सिस्टम होता है. रिसर्च में ये भी दावा किया गया है कि महिलाएं मजबूत एंटीबॉडीज अपने पुरुष समकक्षों के मुकाबले ज्यादा पैदा करती हैं.

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में साइड-इफेक्ट्स रिपोर्ट करने की ज्यादा संभावना उनके व्यावहारिक फैक्टर के कारण है क्योंकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अपनी बीमारियों को बताने के लिए ज्यादा मुखर मानी जाती हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, महिला का हार्मोन एस्ट्रोजन आम तौर से इम्यून सिस्टम के रिएक्शन को बढ़ाता है और प्रभाव डालता है. उसके विपरीत, पुरुषों का हार्मोन टेस्टोस्टेरोन इम्यून को दबाने का काम करता है, जो महिलाओं में कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स ज्यादा अनुभव करने की प्रमुख वजह हो सकती है.

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