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UP के आगरा में पासपोर्ट वेरीफिकेशन के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में 56 पुलिसकर्मी सस्पेंड

आगरा (Agra) । यूपी (UP) के आगरा (Agra) में 56 पुलिसकर्मियों (56 policemen) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. यहां अनुशासनहीनता और लापरवाही (Indiscipline and carelessness) के आरोप में 56 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि इनमें कई पुलिसकर्मियों ने पासपोर्ट वेरीफिकेशन के लिए रिश्वत मांगी, इसी के साथ अन्य कामों में भी लापरवाही बरती गई. मामले की शिकायतें मिलीं तो जांच कराई गई, जिसके बाद ये एक्शन हुआ है.


कमिश्नरेट के शहरी जोन में छह दरोगा, चार हेड कॉन्स्टेबल, चार मुंशी और 16 सिपाहियों पर कार्रवाई की गई है. पश्चिमी जोन में चार दारोगा रामजस यादव, प्रताप सिंह, सतेंद्र त्रिपाठी, प्रशिक्षु दारोगा कारण सिंह के अलावा चार हेड कॉन्स्टेबल, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक उर्दू अनुवादक और 13 सिपाहियों को एक आदेश में सस्पेंड किया गया है. इसी तरह पश्चिमी जोन में एक प्रशिक्षु दारोगा मीनाली चौधरी और एक हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया गया है. निलंबित पुलिस कर्मचारियों में 12 दारोगा और 6 मुंशी शामिल हैं.

आगरा कमिश्नरेट बनने के बाद 19 महीने में यह सबसे बड़ी डिपार्टमेंटल कार्रवाई की गई है. निलंबित पुलिस वाले पासपोर्ट सत्यापन में सबसे ज्यादा वसूली के मामले में आरोपी हैं. पासपोर्ट वसूली में चार दारोगा और 12 सिपाही आरोपी हैं।

पासपोर्ट आवेदकों से फीडबैक सेल में 21 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उनके पासपोर्ट वेरीफिकेशन की रिपोर्ट लगाने वाले थाना न्यू आगरा में तैनात दारोगा विनोद कुमार, हरी पर्वत में तैनात दारोगा जितेंद्र प्रसाद सिंह, शाहगंज में तैनात प्रशिक्षु दारोगा प्रखर और कमला नगर में तैनात प्रशिक्षु दारोगा प्रशांत कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नरेट शहर के 9 थाना क्षेत्र में तैनात दारोगा, मुंशी और सिपाहियों की शिकायतें लगातार पहुंच रही थीं. सूत्रों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर ने फीडबैक सेल से इनकी जांच कराई. फीडबैक सेल की जांच में 30 पुलिस कर्मचारियों की हकीकत की कलई खुल गई.

पुलिस वालों की साइबर अपराधियों से मिलीभगत का आरोप
खतरनाक बात यह है कि साइबर क्राइम थाने में तैनात मुंशियों सहित पांच पुलिसकर्मियों की साइबर अपराधियों से मिली भगत पाई गई है. फीडबैक में यह भी खुलासा हुआ है कि साइबर सेल में पीड़ित का मुंशी और सिपाही उत्पीड़न करते थे. पीड़ित का उत्पीड़न करने के मामले में आरोपी मुख्य आरक्षी अविनाश, शेर सिंह, सनी कुमार, कर्मवीर और सिपाही धर्मेंद्र को निलंबित किया गया है।

साइबर सेल के अलावा सिकंदरा में तैनात सिपाही पवन कुमार, देशराज कुशवाहा, अमित कुमार, कमला नगर में महिला सिपाही आरती, एतमाद्दौला में सौरभ, शाहगंज में श्याम सुंदर, न्यू आगरा में मुख्य आरक्षी राजेंद्र कुमार, हरी पर्वत में सिपाही रिंकू अजीत और विकास, जगदीशपुर में कुलदीप कुमार, मंटोला में सागर, न्यू आगरा में सिपाही सचिन पाल व लापरवाही बरतने पर न्यायालय में तैनात सिपाही दीप चंद्र को निलंबित किया गया है.

न्यू आगरा में तैनात दारोगा धर्मेंद्र सिंह और प्रशिक्षु दारोगा अनंत सिंह ने मुकदमे की विवेचना के दौरान तथ्यों में फेरबदल किया और साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली लागू होने के बाद भी घनघोर लापरवाही रखी. दोनों दारोगाओं ने धाराओं और विवेचना के तथ्यों में फेरबदल कर दिया. इस आरोप में दोनों दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है।

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